शनि दोष से घर की दरिद्रता तक, तिल के तेल का एक दीपक दूर करेगा हर संकट, जानें नियम
क्या आप जानते हैं कि तिल के तेल का दीपक जलाने के क्या-क्या फायदे होते हैं। शास्त्रों में बताया गया है कि, इस तेल से दीया जलाने से शनि देव प्रसन्न होते ...और पढ़ें

क्यों जलाते हैं तिल के तेल का दीपक? (Image Source: AI-Generated)
HighLights
तिल का संबंध शनि देव से माना जाता है
तिल के तेल का दीपक जलाने से देवी-देवता जल्दी प्रसन्न होते हैं
तिल के तेल का दीपक घर की नकारात्मक ऊर्जा को खत्म करता
धर्म डेस्क, नई दिल्ली। हिंदू धर्म में पूजा-पाठ के दौरान दीपक जलाना अनिवार्य माना गया है। दीपक न केवल अंधकार को दूर करता है, बल्कि यह हमारे जीवन में सकारात्मकता और दिव्य ऊर्जा का प्रतीक भी है। आमतौर पर लोग घी या सरसों के तेल का दीपक जलाते हैं, लेकिन तिल के तेल (Sesame Oil) का दीपक जलाना ज्योतिष और शास्त्रों में विशेष महत्व रखता है।
तिल के तेल का दीपक क्यों?
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, तिल का संबंध शनि देव से माना जाता है। तिल के तेल का दीपक जलाने से न केवल शनि ग्रह शांत होते हैं, बल्कि यह घर की नकारात्मक ऊर्जा को भी खत्म करता है। यदि आपके जीवन में परेशानियाँ खत्म होने का नाम नहीं ले रही हैं, तो तिल के तेल का उपाय आपके लिए वरदान साबित हो सकता है।
तिल के तेल का दीपक जलाने के फायदे
शनि दोष से मुक्ति: अगर आपकी कुंडली में शनि की साढ़े साती या ढैय्या चल रही है, तो शनिवार के दिन तिल के तेल का दीपक जलाना सबसे लाभकारी होता है। इससे शनि देव की कृपा प्राप्त होती है और जीवन की बाधाएं दूर होती हैं।
सकारात्मक ऊर्जा का संचार: तिल के तेल का दीपक जलाने से निकलने वाला धुआं वातावरण को शुद्ध करता है और घर में मौजूद वास्तु दोष या नकारात्मक शक्तियों को नष्ट करता है।
मनोकामना पूर्ति: शास्त्रों के अनुसार, तिल के तेल का दीपक जलाने से देवी-देवता जल्दी प्रसन्न होते हैं। इससे मानसिक शांति मिलती है और आत्मविश्वास में बढ़ोतरी होती है।
स्वास्थ्य लाभ: ऐसी मान्यता है कि नियमित रूप से तिल के तेल का दीपक जलाने से घर के सदस्यों का स्वास्थ्य बेहतर रहता है और बीमारियों का असर कम होता है।
दीपक जलाने के सही नियम:
दिशा का ध्यान: पूजा के समय तिल के तेल का दीपक हमेशा अपने बाएं हाथ (Left Hand) की ओर रखना चाहिए। वहीं, घी का दीपक दाएं हाथ की ओर रखा जाता है।
समय: शाम के समय घर के मुख्य द्वार पर तिल के तेल का दीपक जलाने से माता लक्ष्मी का आगमन होता है।
बत्ती का चुनाव: तिल के तेल के दीपक में हमेशा रुई की लंबी बत्ती का प्रयोग करना चाहिए।
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अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया अंधविश्वास के खिलाफ है।