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    सावन में शिव पूजा में न भूलें महादेव का प्रिय इत्र, शीघ्र प्रसन्न होंगे भोलेनाथ

    Updated: Sat, 08 Aug 2026 10:24 AM (GMT+05:30)

    सावन में भगवान शिव को इत्र अर्पित करना उन्हें प्रसन्न करने का एक प्रिय तरीका है। यह मानसिक शांति, शुक्र ग्रह की मजबूती और वैवाहिक जीवन में मधुरता लाता ...और पढ़ें

    श्रावण मास में भगवान शिव को अर्पित करें ये इत्र (Picture Credits- AI Image)

    श्रावण मास में भगवान शिव को अर्पित करें ये इत्र (Picture Credits- AI Image)

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    संक्षेप में पढ़ें

    धर्म डेस्क, नई दिल्ली। हिंदू धर्म में भगवान शिव अत्यंत पूजनीय देवताओं में शामिल हैं। शास्त्रों में महादेव जी के स्वभाव को इतना सरल बताया गया कि, वे अन्य सभी देवताओं की तुलना में जल्दी ही प्रसन्न हो जाते हैं। सावन के महीने में भक्त उन्हें खुश करने के लिए जलाभिषेक, रुद्राभिषेक, बेलपत्र और तरह-तरह के फल-फूल अर्पित करते हैं, लेकिन अक्सर एक चीज भूल जाते हैं, जो भगवान शिव को अत्यंत प्रिय है, वो है 'इत्र' खुशबू केवल सुगंध के लिए ही नहीं होती है, बल्कि अपने भक्ति और श्रद्धा का भी प्रतीक मानी जाती है।

    शिव महापुराण और कई शास्त्रों के अनुसार, श्रावण मास में भगवान शिव को खास इत्र अर्पित करने से भगवान शिव अपने भक्त से जल्दी प्रसन्न हो जाते हैं।

    भगवान शिव को कौन-सा इत्र अर्पित करें?

    भगवान शिव को श्रावण मास में उनका सबसे प्रिय इत्र अर्पित करना शुभ माना जाता है। उन्हें कृत्रिम इत्र की बजाय प्राकृतिक खुशबू वाले इत्र लगाना चाहिए। माना जाता है कि, महादेव को खस, केवड़ा, गुलाब और मोगरा का इत्र काफी प्रिय है। ये सभी इत्र भगवान शिव को ठंडक प्रदान करते हैं, जो प्राकृतिक के सबसे बड़े गुणों में शामिल है।

    benefits of offering natural ittar on shivling in shravan maas

    शिवलिंग पर इत्र चढ़ाने के लाभ

    मानसिक शांति में वृद्धि

    भगवान शिव को इत्र अर्पित करने से मानसिक शांति की प्राप्ति होती है। इत्र की सुंगध तनाव और अत्यधिक चिंतन को दूर करने का काम करती है। माना जाता है कि, शिवलिंग पर इत्र अर्पित करने से अनिद्रा और अशांत मन की समस्या दूर होती है।

    शुक्र ग्रह की मजबूती

    वैदिक ज्योतिष के मुताबिक, इत्र का संबंध शुक्र ग्रह से होता है। भौतिक सुख-सुविधा, ऐश्वर्य और प्यार के कारक कहे जाने वाले शुक्र ग्रह की मजबूती के लिए सबसे बेहतर उपाय यह है कि, श्रावण मास में प्रत्येक सोमवार के दिन भगवान शिव के शिवलिंग पर उनका पंसदीदा इत्र अर्पित किया जाए।

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    शादीशुदा जीवन में मधुरता

    इत्र को प्यार और आकर्षण का प्रतीक माना जाता है। वैवाहिक जीवन में अशांति या अनबन की स्थिति बनी रहती है, तो सावन में प्रत्येक सोमवार को शिवलिंग पर इत्र अर्पित करना सही माना जाता है। माना जाता है कि, इससे वैवाहिक जीवन में मधुरता आने के साथ जीवनसाथी के साथ रिश्ते बेहतर होते हैं।

    विचारों में शुद्धता

    सावन मास में शिव को इत्र अर्पित करने से व्यक्ति के विचारों में शुद्धता आती है। इसके अलावा इत्र की खुशबू तामसिक प्रवृतियों को कम करने में भी मदद करती है।

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    अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें।