यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 08, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Kalki Avatar: कल्कि अवतार के आने पर होंगी ये बड़ी घटनाएं, जानिए क्या लिखा है पुराणों में
हिंदू धर्म ग्रंथों में इस बात का जिक्र किया गया है कि जब-जब धरती पर पाप बढ़ता है तब-तब भगवान उसका नाश करने और पुनः धर्म की स्थापना के लिए अवतार लेते ह ...और पढ़ें

HighLights
- भगवान विष्णु का ही अवतार माने जाते हैं कल्कि।
- कलयुग के अंत में होगा कल्कि जी का अवतार।
- सभी अत्याचारियों का अंत करेंगे भगवान कल्कि।
धर्म डेस्क, नई दिल्ली। कल्कि पुराण में कलयुग में होने वाले भगवान विष्णु के कल्कि अवतार के बारे में विस्तारपूर्वक वर्णन किया गया है। साथ ही इस पुराण में यह वर्णन भी मिलता है कि जब कलयुग में अत्याचार अपनी सीमा तक पहुंच जाएगा, तब भगवान विष्णु कल्कि रूप में अवतरित होंगे। कल्कि अवतार के आने पर और भी कई महत्वपूर्ण घटाएं घटित होंगी, जिसका वर्णन इस पुराण में मिलता है। चलिए जानते हैं उसके बारे में।
क्या होगा उद्देश्य
कल्कि पुराण के साथ-साथ अग्नि पुराण, ब्रह्मांड पुराण, भविष्योत्तर पुराण और महाभारत ग्रंथ में भी भी कल्कि अवतार का वर्णन मिलता है। विशेषकर कल्कि पुराण और अग्नि पुराण में यह भविष्यवाणी की गई है कि भगवान विष्णु के 'कल्कि' अवतार कलियुग के अंत में अवतरित होंगे। भगवान कल्कि अवतार का उद्देश्य पापों का नाश करके सत्य और धर्म की फिर से स्थापना करना होगा।
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जानिए भगवान कल्कि के विषय में
धार्मिक पुराणों के अनुसार, कलयुग के अंतिम चरण में भगवान कल्कि अवतरित होंगे। भगवान विष्णु का यह अवतार उत्तर प्रदेश के संभल नामक जिले में क ब्रह्माण परिवार में होगा। इनके पिता का नाम विष्णुयश और माता का नाम सुमति होगा।
अग्नि पुराण के 16 अध्याय में कल्कि अवतार के स्वरूप के बारे में बताया गया है, जिसके अनुसार, भगवान कल्कि तीर कमान धारण किए हुए सफेद रंग का घोड़े पर सवार होंगे। उनके घोड़े का नाम देवदत्त होगा। कल्कि भगवान के गुरु परशुराम जी होंगे। साथ ही भगवान कल्कि वेदों और पुराणों के ज्ञाता और एक महान योद्धा होंगे।
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होंगी ये बड़ी घटनाएं
कल्कि पुराण में इस बात का वर्णन किया गया है कि जब कल्कि अवतार होंगे, तो उनकी रक्षा के लिए 6 चिरंजीवी अर्थात - अश्वत्थामा, महर्षि वेद व्यास, हनुमान जी, विभीषण, कृपाचार्य और परशुराम जी आएंगे। इसी के साथ यह भी वर्णन किया गया है कि कल्कि अवतार के होने पर चारों तरफ तेज आंधी और मूसलाधार बारिश हो रही होगी।
जिस प्रकार भगवान श्रीराम और भगवान श्रीकृष्ण के अवतरण पर सभी देवी-देवता उनके दर्शन के लिए पृथ्वी पर आए थे, ठीक उसी प्रकार कल्कि अवतार के दर्शन के लिए भी सभी देवी-देवता धरती पर आएंगे।
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