यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 13, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Bhai Dooj 2023: भाई दूज पर इन बातों को न करें अनदेखा, इस विधि से लगाएं टीका
Bhai Dooj 2023 भाई दूज के दिन बहनें अपने भाइयों के माथे पर तिलक लगाती हैं और उनके लिए स्वादिष्ट भोजन बनाती हैं जबकि भाई उन्हें उपहार देते हैं और उनकी ...और पढ़ें

HighLights
- हिंदू धर्म में भाई दूज का पर्व बेहद महत्वपूर्ण माना गया है।
- भाई दूज को भातृ द्वितीया के नाम से भी जाना जाता है।
- भाई दूज पर बहनें अपने भाइयों के माथे पर तिलक लगाती हैं।
धर्म डेस्क,नई दिल्ली। Bhai Dooj 2023: हिंदू धर्म में भाई दूज का पर्व बेहद महत्वपूर्ण माना गया है। यह हर साल कार्तिक मास की शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि को मनाया जाता है। आमतौर पर यह शुभ दिन रोशनी के त्योहार दिवाली के दो दिन बाद और गोवर्धन पूजा के एक दिन बाद आता है। यह त्योहार भाई और बहन के बीच प्यार और पवित्र बंधन का प्रतीक है। इस दिन बहनें अपने भाइयों की लंबी उम्र और अच्छे स्वास्थ्य के लिए प्रार्थना करती हैं।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन बहनें अपने भाईयों के माथे पर तिलक लगाती हैं और उनके लिए स्वादिष्ट भोजन बनाती हैं, जबकि भाई उन्हें उपहार देते हैं और उनकी रक्षा करने का अमिट वादा करते हैं। भाई दूज को भैया दूज, भाऊ बीज, भात्र द्वितीया, भाई द्वितीया और भातृ द्वितीया के नाम से भी जाना जाता है।
लेकिन कई बार लोग इस पर्व पर कुछ ऐसी गलतियां कर देते हैं, जिसे अशुभ माना जाता है। दरअसल, हम तिलक लगाने के सही तरीके की बात कर रहे हैं। तो आइए जानते हैं क्या है तिलक लगाने का सही तरीका ?
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भाई दूज पर ऐसे लगाएं तिलक
- भाई के माथे पर तिलक लगाते समय उसका मुख उत्तर या उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर होना चाहिए, जबकि बहन का मुख उत्तर-पूर्व या पूर्व दिशा की ओर होना चाहिए।
- भाई दूज की पूजा करते समय भाई को लकड़ी की चौकी पर बिठाना चाहिए, उसे न कुर्सी पर बिठाना चाहिए, नाही खड़े होने के दौरान तिलक करना चाहिए।
- टीका करने के बाद भाई की कलाई पर मौली धागा अवश्य बांधना चाहिए और आरती करनी चाहिए।
- भाई दूज के दौरान शुभ मुहूर्त के अनुसार ही तिलक करना शुभ माना गया है।
- बहनों को अपने भाई के माथे पर टीका लगाने से पहले कोई भी उपहार स्वीकार नहीं करना चाहिए
- भाई दूज के दौरान सात्विक भोजन करना चाहिए।
- भाई दूज के दौरान मांसाहार से बचना चाहिए।
- अंतिम लेकिन महत्वपूर्ण बात यह है कि इस दिन भाई-बहनों को कोशिश करनी चाहिए कि लड़ाई-झगड़ा न करें, क्योंकि यह एक शुभ अवसर है।
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