भानु सप्तमी 2026: सूर्य देव की कृपा पाने का शुभ दिन, जानें पौराणिक और ज्योतिषीय महत्व
भानु सप्तमी हिंदू धर्म का एक विशेष त्योहार है, जो सूर्य देव को समर्पित है। इस दिन सूर्यदेव की पूजा और व्रत करने से धन, दीर्घायु और अच्छी सेहत का आशीर् ...और पढ़ें

भानु सप्तमी 2026 (Image Source: AI-Generated)

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धर्म डेस्क, नई दिल्ली। हिंदू धर्म में कुछ ऐसे भी खास व्रत और त्योहार हैं, जिनके बारे में बहुत कम लोगों को पता है। भानु सप्तमी हिंदू धर्म से जुड़ा एक खास दिन जो सूर्य भगवान की कृपा प्राप्त करने के लिए शुभ माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक इस दिन सूर्यदेव की आराधना और पूजा करने से साधक के बिगड़े काम पूरे हो जाते हैं और जीवन में सुख-शांति बनी रहती है। आइए जानते हैं भानु सप्तमी से जुड़ी पौराणिक और ज्योतिषीय मान्यताएं?
हिंदू पंचांग के मुताबिक, जिस महीने की सप्तमी तिथि को रविवार पड़ता है, उसी दिन भानु सप्तमी मनाई जाती है। इस साल यह व्रत कृष्ण पक्ष में रविवार, 7 जून 2026 को मनाया जाएगा। यह व्रत खासतौर पर सूर्य भगवान को समर्पित है।
भानु सप्तमी का आध्यात्मिक महत्व
भानु सप्तमी का सबसे बड़ा आध्यात्मिक महत्व यह है कि, इस दिन जो भी व्यक्ति भगवान सूर्य देव की पूजा करता है, उसे धन, दीर्घायु और अच्छी सेहत का आशीर्वाद प्राप्त होता है। भानु सप्तमी के दिन भक्त सूर्य देव को खुश करने के लिए कई पवित्र सूर्य स्तोत्रों और आदित्य हृदय स्तोत्रों का जाप करने के साथ सूर्यदेव का महा-अभिषेक भी करते हैं।
भानु सप्तमी उस दिन का भी संकेत देती है, जब भगवान सूर्य अपने रथ पर पृथ्वी पर आये थे। भगवान सूर्य के आगमन ने पृथ्वी पर नया जीवन ला दिया। पौराणिक कथाओं के मुताबिक, सूर्यदेव एक पवित्र कमल के फूल पर स्वर्ण रथ पर सवार थे। सात घोड़े रथ खींचते हैं और ये घोड़े सूर्य की सात किरणों को दर्शाते हैं। हिंदू परंपराओं के अनुसार, जो भी व्यक्ति भगवान सूर्य की पूजा करने के साथ भानु सप्तमी का व्रत रखता है, उन्हें अच्छी सेहत और सौभाग्य की प्राप्ति होती है।
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भानु सप्तमी का ज्योतिषीय महत्व
ज्योतिष शास्त्र के मुताबिक, यदि जिस भी व्यक्ति का सूर्य कमजोर है, तो उसे सूर्य नारायण की पूजा अवश्य करनी चाहिए। पौराणिक ग्रंथ भविष्य पुराण के मुताबिक, भगवान श्रीकृष्ण ने अपने पुत्र को सूर्य पूजन का महत्व बताया था। भगवान श्रीकृष्ण कहते हैं कि, सूर्यदेव एक प्रत्यक्ष देवता हैं, मतलब ऐसे भगवान जिनके दर्शन रोज किए जा सकते हैं। पुराणों के अनुसार भानु सप्तमी की तिथि को जो भी सूर्य देव की उपासना तथा व्रत करता है, वो सभी शारीरिक कष्टों से मुक्ति पाते हैं।
भानु सप्तमी व्रतों को करने के फायदे
भगवान सूर्य की उपासना और और भानु सप्तमी के दिन व्रत रखने वाले व्यक्ति को कई तरह के लाभ मिलते हैं।
- भानु सप्तमी की पूर्व संध्या पर पवित्र गंगा में स्नान करने से भक्तों को अपने जीवन में कभी भी आर्थिक चुनौतियों का सामना नहीं करना पड़ता है।
- भानु सप्तमी के दिन पूजा करने वाली महिलाओं को अपने अगले जन्म में अच्छे और योग्य वर की प्राप्ति होती है।
- भानु सप्तमी के दिन व्रत रखने से स्वस्थ और सुखी जीवन के साथ भगवान सूर्य का भी आशीर्वाद प्राप्त होता है।
- सूर्य देव के आशीर्वाद से भक्त घातक रोगों से छुटकारा पाने के साथ सच्चे ज्ञान को प्राप्त करते हैं।
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