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    कब है अधिक मास में भानु सप्तमी? जान लें डेट, शुभ मुहूर्त और पूजा के नियम

    Updated: Sun, 31 May 2026 01:58 PM (GMT+05:30)

    सनातन धर्म में भानु सप्तमी का विशेष महत्व है, जब सूर्य देव की पूजा-अर्चना की जाती है। यह 7 जून 2026 को अधिक मास में मनाई जाएगी, जिसमें दान और शुभ मुहू ...और पढ़ें

    कैसे करें सूर्य देव को प्रसन्न? (Image Source: AI-Generated)

    कैसे करें सूर्य देव को प्रसन्न? (Image Source: AI-Generated)

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    धर्म डेस्क, नई दिल्ली। सनातन धर्म में भानु सप्तमी का अधिक महत्व है। इस दिन सूर्य देव की पूजा-अर्चना करने का विधान है। साथ ही अन्न-धन समेत आदि चीजों का दान किया जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, सूर्य देव की साधना करने से भाग्य और ज्ञान का आशीर्वाद मिलता है और कारोबार में सफलता मिलती है। ऐसे में आइए आपको बताते हैं कि अधिक मास में कब है भानु सप्तमी ?

    भानु सप्तमी 2026 डेट और शुभ मुहूर्त (Bhanu Saptami 2026 Date and Shubh Muhurat)

    वैदिक पंचांग के अनुसार, अधिक मास में 07 जून को भानु सप्तमी मनाई जाएगी। यह दिन सूर्य देव की पूजा-अर्चना करने के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है।

    ब्रह्म मुहूर्त- 04 बजकर 02 मिनट से 04 बजकर 42 मिनट तक
    अभिजीत मुहूर्त- सुबह 11 बजकर 52 मिनट से 12 बजकर 48 मिनट तक
    विजय मुहूर्त- दोपहर 02 बजकर 39 मिनट से 03 बजकरn45 मिनट तक
    गोधूलि मुहूर्त- शाम 07 बजकर 16 मिनट से 07 बजकर 36 मिनट तक
    द्विपुष्कर योग- सुबह 05 बजकर 23 मिनट से 07 बजकर 55 मिनट तक

    bhanu saptami 2026 (1)

     (Image Source: AI-Generated)

    भूलकर भी न करें ये गलतियां

    • भानु सप्तमी के दिन सूर्योदय से पहले उठना चाहिए। देर तक सोना अशुभ माना जाता है। इसके बाद स्नान करने के बाद सूर्य को जल अर्पित करें।
    • इस दिन मांस, मदिरा लहसुन और प्याज का सेवन भूलकर भी नहीं करना चाहिए। ऐसा माना जाता है कि इस गलती को करने से सूर्य देव नाराज हो सकते हैं। साथ ही घर की बरकत रुक जाती है।
    • इसके अलावा गुरु या घर के किसी भी बुजुर्ग का भूलकर भी अपमान नहीं करना चाहिए। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस गलती को करने से कुंडली में सूर्य कमजोर होता है और जातक को जीवन में कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।

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    क्यों मनाई जाती है भानु सप्तमी

    पौराणिक मान्यता के अनुसार, भानु सप्तमी के दिन भगवान सूर्य रथ पर सवार होकर पृथ्वी पर अवतरित हुए थे। इसलिए उनके अवतरण दिवस के रूप में भानु सप्तमी मनाई जाती है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस दिन सूर्य देव की साधना करने से साधक को कारोबार में सफलता मिलती है और रुके हुए काम पूरे होते हैं। अन्न-धन समेत आदि चीजों का दान जरूर करना चाहिए।

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    डिसक्लेमर: 'इस लेख में निहित किसी भी जानकारी/सामग्री/गणना की सटीकता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है। विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों से संग्रहित कर ये जानकारियां आप तक पहुंचाई गई हैं। हमारा उद्देश्य महज सूचना पहुंचाना है, इसके उपयोगकर्ता इसे महज सूचना समझकर ही लें। इसके अतिरिक्त, इसके किसी भी उपयोग की जिम्मेदारी स्वयं उपयोगकर्ता की ही रहेगी'।