यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 26, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Bhaum Pradosh 2024: ग्रह दोष होंगे दूर, सुख-सुविधाओं की नहीं होगी कमी, भौम प्रदोष पर करें ये उपाय
भौम प्रदोष (Bhaum Pradosh 2024) पर भक्त भगवान शिव की पूजा करते हैं। ऐसा कहा जाता है कि इस दिन भोलेनाथ की पूजा करने से जीवन के सभी दुखों का अंत होता है ...और पढ़ें

HighLights
- हिंदू धर्म में प्रदोष व्रत का विशेष महत्व है।
- इस दिन लोग भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करते हैं।
- इस बार प्रदोष व्रत 4 जून, 2024 दिन मंगलवार को रखा जाएगा।
धर्म डेस्क, नई दिल्ली। Bhaum Pradosh Vrat June 2024: हिंदू धर्म में प्रदोष व्रत का विशेष महत्व है। इस दिन लोग भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करते हैं। ऐसा कहा जाता है कि इस दिन भगवान शंकर की पूजा करने से जीवन के सभी दुखों का अंत होता है। इसके साथ ही जीवन में शुभता का आगमन होता है।
इस बार प्रदोष व्रत 4 जून, 2024 दिन मंगलवार को रखा जाएगा। मंगलवार को पड़ने की वजह से इसे भौम प्रदोष के नाम से जाना जाता है, जब यह व्रत इतने करीब है, तो आइए इस दिन से जुड़े कुछ ज्योतिष उपाय जानते हैं -
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प्रदोष व्रत डेट और समय
हिंदू पंचांग के अनुसार, ज्येष्ठ माह के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि 04 जून, 2024 को रात्रि 12 बजकर 18 पर शुरू होगी। वहीं, इस तिथि का समापन अगले दिन 04 जून को रात्रि 10 बजकर 01 मिनट पर होगा। पंचांग को देखते हुए इस बार प्रदोष व्रत 4 जून को रखा जाएगा। इस दिन प्रदोष काल में पूजा शुभ मानी जाती है।
भौतिक सुखों के लिए
भौम प्रदोष के दिन का उपवास करें। इसके बाद भगवान शिव की विधिपूर्वक पूजा-अर्चना करें। इसके पश्चात किसी मंदिर या फिर घर पर ही शिवलिंग पर अक्षत अर्पित करें। इस उपाय को करने से शुक्र ग्रह मजबूत होता है और शुक्र को भौतिक सुखों का स्वामी माना जाता है। इसलिए जो लोग ऐसा करते हैं उन्हें जीवन में कभी किसी चीज के लिए परेशान नहीं होना पड़ता है।
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इच्छाओं की पूर्ति हेतु
भौम प्रदोष पर जो लोग शिव जी की कृपा प्राप्त करना चाहते हैं, उन्हें उनका विधि अनुसार रुद्राभिषेक करना चाहिए। भोलेनाथ का अभिषेक करने से वे बेहद खुश होते हैं। साथ ही सभी मनोकामनाओं को पूर्ण करते हैं। ऐसे में प्रदोष व्रत के दिन रुद्राभिषेक जरूर करें। इससे आपकी उन्नति होगी। इसके अलावा कुंडली में सभी ग्रह शांत होंगे।
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अस्वीकरण: ''इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया अंधविश्वास के खिलाफ है''।