पूरा दिन बीतेगा खुशनुमा और नहीं होगा कोई दुख, बस ब्रह्म मुहूर्त में उठकर जरूर करें ये उपाय
सनातन धर्म में ब्रह्म मुहूर्त को देवताओं का समय माना जाता है। इस दौरान किए गए विशेष उपाय जीवन में सकारात्मक ऊर्जा लाते हैं और दुखों को दूर करते हैं। ...और पढ़ें

ब्रह्म मुहूर्त के उपाय (AI Generated Image)

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
धर्म डेस्क, नई दिल्ली। सनातन धर्म में ब्रह्म मुहूर्त को देवताओं का समय माना जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस दौरान विशेष उपाय करने से सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त होती है और जीवन में आ रहे दुख दूर होते हैं। इसलिए लक्ष्य को पाने के लिए ब्रह्म मुहूर्त में किए गए उपाय फलदायी साबित होते हैं। आइए इस आर्टिकल में आपको कुछ ऐसे उपायों के बारे में बताते हैं, जिनको ब्रह्म मुहूर्त (Brahma Muhurta Ke Upay) में करने से बाधाओं से मुक्ति मिलेगी और सफलता के मार्ग खुलेंगे।
कौन-सा समय होता है ब्रह्म मुहूर्त?
सूर्योदय से लगभग 1.5 से 2 घंटे पहले के समय को ब्रह्म मुहूर्त माना जाता है। इस अवधि के दौरान ब्रह्मांड में सकारात्मक ऊर्जा अपने चरम पर होती है। इसलिए इस दौरान देवी-देवताओं की पूजा-अर्चना करना शुभ माना जाता है।

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हथेलियों के दर्शन
सुबह उठने के तुरंत बाद अपने दोनों हाथों की हथेलियों को मिलाकर दर्शन करें। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस उपाय को रोजाना ब्रह्म मुहूर्त में करने से जातक को धन, ज्ञान और सौभाग्य की प्राप्ति होती है।
धरती माता को प्रणाम
इसके अलावा सुबह उठने के बाद बिस्तर से पैर नीचे रखने के दौरान दोनों हाथों से धरती माता को स्पर्श कर प्रणाम करें। इस उपाय को करने से आध्यात्मिक और शारीरिक लाभ प्राप्त होते हैं। साथ ही नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है।
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ध्यान और मंत्र जाप
ब्रह्म मुहूर्त में रोजाना अपने देवी-देवताओं का ध्यान कर मंत्रों का जप करना चाहिए। इसके अलावा थोड़ी देर के लिए शांत बैठें। सांसों पर ध्यान केंद्रित करें। इस दौरान 'ॐ' मंत्र का जप करें। इसके अलावा आप किसी भी मंत्र या गायत्री मंत्र का जप कर सकते हैं। ऐसा माना जाता है कि इस उपाय को करने से मन को शांति प्राप्त होती है और जीवन में सफतला प्राप्त होती है।
सूर्य देव को दें अर्घ्य
ब्रह्म मुहूर्त में स्नान करने के बाद मंदिर की सफाई करें और देसी घी का दीपक जलाकर पूजा-अर्चना करें। इसके बाद तांबे के लोटे से उगते हुए सूर्य को अर्घ्य दें। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस उपाय को रोजाना करने से जातक के मान-सम्मान में वृद्धि होती है और करियर में आ रही बाधा दूर होती है। अगर संभव हो तो ब्रह्म मुहूर्त में किसी पवित्र नदी में स्नान कर दीपदान करें। इस उपाय को करने से जातक को सभी पापों से मुक्ति मिलेगी और जीवन में खुशियों का आगमन होगा।
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अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया अंधविश्वास के खिलाफ है।