यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 05, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Buddha Purnima 2025: बुद्ध पूर्णिमा के दिन करें ये खास उपाय, बन जाएगा हर बिगड़ा काम
बुद्ध पूर्णिमा (Buddha Purnima 2025) बौद्ध धर्म के साथ-साथ हिंदू धर्म में भी एक महत्वपूर्ण तिथि मानी गई है। यह तिथि मुख्य रूप से गौतम बुद्ध को समर्पित ...और पढ़ें

HighLights
- वैशाख पूर्णिमा पर मनाई जाती है बुद्ध पूर्णिमा।
- इस तिथि पर घटी थी कई महत्वपूर्ण घटनाएं।
- बौद्ध धर्म के संस्थापक हैं गौतम बुद्ध।
धर्म डेस्क, नई दिल्ली। हर साल वैशाख के महीने में आने वाली पूर्णिमा को बुद्ध पूर्णिमा के रूप में मनाया जाता है। इस बार बुद्ध पूर्णिमा सोमवार 12 मई को मनाई जा रही है। मान्यता है कि वैशाख पूर्णिमा पर ही गौतम बुद्ध के जीवन की तीन महत्वपूर्ण घटनाएं हुई हैं, जिसमें उनका जन्म, ज्ञान की प्राप्ति और महापरिनिर्वाण (प्राणों का त्याग) शामिल है। इसलिए इस दिन को बौद्ध धर्म में "तीन बार धन्य उत्सव" भी कहा जाता है।
जरूर करें ये काम
बुद्ध पूर्णिमा के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान आदि से निवृत होने के बाद सफेद रंग के कपड़े पहनें। इसके बाद भगवान बुद्ध की प्रतिमा को गंगाजल से स्नान कराएं और धूप, दीप, पुष्प, चंदन और फल आदि अर्पित करें। साथ ही इस दिन भगवान बुद्ध का ध्यान करते हुए शांति पाठ करें। साथ ही भगवान बुद्ध के वचनों का पाठ भी करें और उन्हें जीवन में भी अपनाएं।
.jpg)
(Picture Credit: Freepik) (AI Image)
मिलेंगे अच्छे परिणाम
हिंदू धर्म में पूर्णिमा के दिन किसी पवित्र नदी में स्नान करने का काफी महत्व माना गयाै है। ऐसे में आप बुद्ध पूर्णिमा के दिन किसी पवित्र नदी में स्नान कर सकते हैं। ऐसा करने सा आपको शुभ फलों की प्राप्ति हो सकती है।
यह भी पढ़ें - Buddha Purnima 2025: बुद्ध पूर्णिमा पर इस नियम से करें पितृ तर्पण, कट जाएंगे सभी पाप
करें इन चीजों का दान
वैशाख के महीने में काफी गर्मी पड़ती है। ऐसे में आप बुद्ध पूर्णिमा के दिन आप पानी से भरा घड़ा गरीबों व जरुरतमंद लोगों के बीच कर सकते हैं। इसी के साथ इस दिन पर पंखा, चप्पल, छतरी, अनाज या फल आदि का दान करना भी काफी शुभ माना गया है। इससे आपको पितरों का भी आशीर्वाद भी मिलता है।
खबरें और भी
.jpg)
(Picture Credit: Freepik)
करें इन मंत्रों का जप
- बुद्ध पूर्णिमा के दिन के दिन भगवान बुद्ध का ध्यान करते हुए ‘बुद्धं शरणं गच्छामि’ मंत्र का जप करते हैं।
- इस दिन पर चंद्रमा को अर्घ्य देते हुए ‘ऊं एं क्लीं सोमाय नम:’ मंत्र का जप कर सकते हैं।
- बुद्धि पूर्णिमा की दिन पीपल के पेड़ की पूजा का भी खास महत्व माना गया है। ऐसे में पूजा के दौरान “ॐ मणि पद्मे हुं” मंत्र का जाप कर सकते हैं।
यह भी पढ़ें - Buddha Purnima 2025: बुद्ध पूर्णिमा पर किस तरह पा सकते हैं लाभ, जानें ये जरूरी बातें
अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया अंधविश्वास के खिलाफ है।