क्या घर में दो लड्डू गोपाल की मूर्तियां रखना ठीक है? पढ़ें शास्त्र और पूजा के सटीक नियम
शास्त्रों के अनुसार घर में दो लड्डू गोपाल की मूर्तियां रखना संभव है, बशर्ते उनकी नियमित और विधि-विधान से सेवा ...और पढ़ें

घर में दो लड्डू गोपाल रखने के नियम और पूजा विधि जानें (Picture Credit: AI Generated)
HighLights
दो लड्डू गोपाल को कृष्ण-बलराम मानकर पूजें और सेवा करें।
नियमित स्नान, वस्त्र परिवर्तन, भोग और शयन आरती करें।
लड्डू गोपाल की स्थापना शुभ दिन पर ही करनी चाहिए।
धर्म डेस्क, नई दिल्ली। घर में पूजा-पाठ से लेकर मूर्तियां स्थापित करने के अपने कुछ अलग नियम बनाए गए हैं और उनका पालन करके ही पूजा करने से ईश्वरीय आशीर्वाद मिलता है। घर का मंदिर एक ऐसा स्थान होता है जो हमेशा सकारात्मक ऊर्जा से भरा होता है।
जितना आपके घर में मंदिर का महत्व है उससे कहीं ज्यादा सही तरीके से रखी मूर्तियां शुभ फल देती हैं। शास्त्रों में बताया गया है कि आपको घर में एक ही भगवान की एक से अधिक मूर्ति नहीं रखनी चाहिए और मंदिर में रखी मूर्तियों की संख्या घर की खुशहाली के लिए बहुत ज्यादा मायने रखती है।
ऐसे ही अगर आप घर में लड्डू गोपाल की स्थापना करते हैं. तो आपको उन्हें नियम से स्नान और उनकी सेवा भी करनी चाहिए। वहीं कई लोग अपने घर में एक से अधिक लड्डू गोपाल भी रखते हैं। आइए आपको बताते हैं कि क्या ऐसा करना शास्त्र संवत है?
क्या घर में दो लड्डू गोपाल रखे जा सकते हैं?
वैसे तो लोग घर में एक ही लड्डू गोपाल रखते हैं और उनकी सेवा करते हैं, लेकिन कई बार घर में दो लड्डू गोपाल की मूर्तियां भी रखी जाती हैं। दरअसल, अगर आप भी दो लड्डू गोपाल अपने घर में रखते हैं तो आपको दोनों की सेवा सही तरीके से नियमित करनी चाहिए। आप इनमें से एक को कृष्ण और दूसरे को बलराम के रूप में पूज सकते हैं।
घर में दो लड्डू गोपाल रखने के नियम क्या हैं?
अगर आपके घर में पहले से एक लड्डू गोपाल की मूर्ति है और आप दूसरी भी किसी वजह से रख रहे हैं तो आपको उनकी सेवा विधि-विधान से ही करनी चाहिए। आइए आपको बताते हैं उनकी सेवा के सही नियम-
- आप दोनों लड्डू गोपाल को नियमित रूप से सुबह के समय स्नान कराएं और उनके वस्त्र जरूर बदलें। आपको हमेशा दोनों मूर्तियों को साफ वस्त्र ही पहनाने चाहिए।
- यदि किसी कारणवश आप स्नान न करा पाएं तब भी उनके वस्त्र बदल दें। कोशिश करें कि दोनों को एक जैसे कपडे न पहनाएं। यदि दोनों में से किसी एक मूर्ति का आकार बड़ा है तो उसकी पूजा बलराम रूप में करनी चाहिए।
- दो लड्डू गोपाल की मूर्तियों कृष्ण और बलराम के अलग-अलग स्वरूप हैं, इसलिए इनकी सेवा दो अलग रूपों में भी की जाती है।
- आप दोनों मूर्तियों को जब भोग अर्पित करें तो दो जगह भोग रखें और उसे ग्रहण करने की प्रार्थना करें। अलग तरह के वस्त्र पहनाने चाहिए, जिससे उनका स्वरुप अलग दिखे और दोनों मूर्तियों के बीच का अंतर पता चले।
- पूरे दिन की विधि पूर्वक सेवा करने के बाद आप रात के समय दोनों के लिए शयन आरती करें और उन्हें सुला भी दें।
घर में दो लड्डू गोपाल की स्थापना के नियम
आप जब भी घर में पहली बार लड्डू गोपाल की मूर्ति ला रहे हैं तो आपको इन्हें किसी शुभ दिन में ही लाना और स्थापित करना चाहिए। यदि आप जन्माष्टमी या पूर्णिमा के दिन लड्डू गोपाल की स्थापना करें तो अत्यंत शुभ माना जाता है।
आप गुरुवार के दिन भी उनकी स्थापना कर सकते हैं। कभी भी आप घर में दूसरे लड्डू गोपाल इस भावना से ना लाएं कि पहले से रखी मूर्ति की स्वरुप बहुत बड़ा या छोटा है। हमेशा सच्चे ह्रदय से ही ही घर में लड्डू गोपाल को स्थापित करें और उनकी नियम से सेवा का संकल्प लें।
अगर आप घर में लड्डू गोपाल की पूजा कर रहे हैं तो आपको उनकी सेवा और पूजा पूरे नियम से करनी चाहिए जिससे शुभ फल मिलें।
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