कहीं आप अनजाने में लड्डू गोपाल को कष्ट तो नहीं दे रहे? नौतपा में तुरंत बदलें सेवा के 5 नियम
25 मई से नौपता की शुरुआत हो रही है, जो 2 जून तक चलेगा। ऐसे में इस अवदि में आपको ...और पढ़ें
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नौपता में लड्डू गोपाल की सेवा के नियम
HighLights
लड्डू गोपाल को ठंडे पानी से स्नान कराएं, चंदन लगाएं
हल्के सूती वस्त्र और ताजे फूलों की माला पहनाएं
मौसमी फल, ठंडी खीर का भोग अर्पित करें
धर्म डेस्क, नई दिल्ली। सनातन परंपराओं में लड्डू गोपाल की सेवा का बड़ा महत्व है। नौतपा यानी साल के सबसे गर्म 9 दिन। इस तीव्र गर्मी में जैसे हमें शीतलता और विशेष देखभाल की जरूरत होती है, वैसे ही बाल गोपाल को भी ठंडक पहुंचाना बेहद जरूरी होता है। चलिए जानते हैं कि इस अवधि में आप किस तरह लड्डू गोपाल की सेवा कर सकते हैं।
नौतपा में लड्डू गोपाल के सेवा नियम
- सुबह के समय लड्डू गोपाल को हल्के ठंडे पानी से स्नान कराएं। स्नान के जल में थोड़ा-सा गुलाब जल या गंगाजल भी मिलाएं।
- स्नान के बाद कान्हा जी को गोपी चंदन का तिलक लगाएं और सुगंधित इत्र का प्रयोग करें। इससे शीतलता बनी रहती है।
- गर्मी के मौसम में भारी या चमकीले वस्त्रों की जगह कान्हा जी को हल्के, आरामदायक और सूती कपड़े ही पहनाएं।
- गहनों के स्थान पर आप लड्डू गोपाल को ताजे और सुगंधित फूलों की माला पहना सकते हैं, जो उन्हें ताजगी और ठंडक देगी।
- लड्डू गोपाल के पास हमेशा साफ और ठंडा पीने का पानी रखें। इस पानी को समय-समय पर बदलते रहें।
लड्डू गोपाल को भोग लगाने के नियम
कहा जाता है कि प्रेम से लगाया गया भोग कान्हा जी तुरंत स्वीकार कर लेते हैं। कान्हा जी का भोग हमेशा स्वयं स्नान करने के बाद शुद्ध मन और तन से तैयार करें। भोजन पूरी तरह सात्विक (बिना प्याज-लहसुन का) होना चाहिए। इसके साथ ही लड्डू गोपाल के भोग में तुलसी का पत्ता जरूर शामिल करें, क्योंकि इसके बिना कान्हा जी का भोग अधूरा माना जाता है।
कान्हा जी को माखन-मिश्री अत्यंत प्रिय है। इसके साथ ही गर्मियों में उन्हें मौसमी फल जैसे आम, तरबूज, ताजे फलों के रस, ठंडी खीर या रबड़ी, और शिकंजी आदि का भोग लगा सकते हैं।
भोग लगाने का दिव्य मंत्र -
जब भी आप लड्डू गोपाल को भोजन या जल अर्पित करें, तो इस मंत्र का उच्चारण जरूर करें। इससे आपकी सेवा पूर्ण और फलदायी मानी जाती है -
त्वदीयं वस्तु गोविन्द तुभ्यमेव समर्पये।
गृहाणे सम्मुखो भूत्वा प्रसीद परमेश्वर ।।
मंत्र का अर्थ: "हे गोविंद! आपकी दी हुई वस्तु ही मैं आपको समर्पित कर रहा/रही हूं। कृपया मेरे सम्मुख प्रकट होकर इसे स्वीकार करें और मुझ पर प्रसन्न हों।"
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(Picture Credit: Freepik) (AI Image)
नौतपा में भूलकर भी न करें ये गलतियां
- गर्मियों में लड्डू गोपाल को कभी भी मोटे, ऊनी या चुभने वाले रेशमी कपड़े न पहनाएं।
- गर्मियों में भारी या चुभने वाले गहने लड्डू गोपाल को भी पहनाने से बचें।
- उनके पीने के पानी को लंबे समय तक न छोड़ें, गर्मी के कारण पानी गर्म हो जाता है, इसलिए इसे नियमित बदलते रहें।
- दोपहर के समय लड्डू गोपाल को सीधे धूप या गर्म हवा वाले स्थान पर न रखें। उनके कमरे या स्थान को ठंडा और हवादार बनाए रखें।
अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण अंधविश्वास के खिलाफ है।
