हनुमान जी ने पाताल लोक से श्रीराम और लक्ष्मण को कैसे बचाया? पढ़ें पंचमुखी अवतार की कथा
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, हनुमान जी की पूजा से दुख दूर होते हैं और खुशियां आती हैं। पंचमुखी हनुमान जी की मूर्ति घर में रखने से सुख-समृद्धि बढ़ती है ...और पढ़ें
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हनुमान जी ने क्यों लिया पंचमुखी अवतार? (Picture Credit- AI Generated)

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जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
धर्म डेस्क, नई दिल्ली। धार्मिक मान्यता के अनुसार, हनुमान जी की पूजा-अर्चना करने से साधक के जीवन में आ रहे सभी दुख-दर्द दूर होते हैं और जीवन में खुशियों का आगमन होता है। ऐसा माना जाता है कि घर में हनुमान जी के पंचमुखी अवतार की मूर्ति विराजमान करने से सुख-समृद्धि में वृद्धि होती है और नकारात्मक ऊर्जा का नाश होता है।
अब आपके मन में ये सवाल आ रहा होगा कि हनुमान जी ने आखिर क्यों लिया पंचमुखी अवतार (Panchmukhi Hanuman Ji)। चलिए आपको बताते हैं इसकी वजह के बारे में।
इसलिए लिया था पंचमुखी अवतार
पौराणिक कथा के अनुसार, भगवान श्रीराम और रावण युद्ध के बीच जब रावण को हार का सामना करना पड़ रहा था, तो तब वह अपने मायावी भाई अहिरावण की शरण में पहुंचें और उनसे मदद मांगी। अहिरावण को तंत्र विद्या का अधिक ज्ञान था। उन्होंने युद्ध के दौरान अपनी शक्तियों के द्वारा राम जी और लक्ष्मण जी का अपहरण कर और उन्हें बलि देने के लिए पाताल लोक ले गया।
अहिरावण को मिला था खास वरदान
जब इस बात का पता हनुमान जी को लगा, तो हनुमान जी श्रीराम और लक्ष्मण की खोज में पाताल लोक पहुंच गए। जब हनुमान जी पाताल लोक पहुंचें, तो उन्हें पता चला कि अहिरावण का वध करना सामान्य रूप से संभव नहीं है। अहिरावण को एक विशेष वरदान मिला हुआ था कि उसका वध करने के लिए 5 अलग-अलग दिशाओं में जल रहे दीपकों को एक साथ शांत करना पड़ेगा। ऐसे में हनुमान जी के सामने समस्या आ गई।

(Picture Credit- AI Generated)
हनुमान जी ने पांचों दीपकों को बुझाया
फिर उन्होंने इन पांचों दीपकों को एक साथ शांत करने के लिए पंचमुखी अवतार धारण किया। इसके बाद उन्होंने एक साथ 5 दीपकों को बुझाकर अहिरावण का वध किया और इस तरह हनुमान जी ने भगवान राम और लक्ष्मण जी की रक्षा की। हनुमान जी पंचमुखी अवतार वर्णन अगस्त्य संहिता में मिलता है।
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हनुमान जी के पंचमुखी अवतार की पूजा का महत्व
सनातन धर्म में हनुमान जी के पंचमुखी अवतार की पूजा-अर्चना करने का विशेष महत्व है। रोजाना बजरंगबली की पूजा-अर्चना करने से साधक के जाने-अनजाने में हुए सभी पापों का नाश होता है। साथ ही मृत्यु का भय, चिंता और तनाव की समस्या से छुटकारा मिलता है। भूत-प्रेत की बाधा दूर होती है। मंगलवार और शनिवार के दिन पूजा के दौरान हनुमान जी को बेसन के लड्डू का भोग जरूर लगाना चाहिए। ऐसा माना जाता है कि प्रभु को भोग अर्पित करने से बिगड़े काम पूरे होते हैं।
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