सुबह उठाने से लेकर रात में सुलाने तक, गांठ बांध लें लड्डू गोपाल की सेवा के ये 5 नियम
गर्मियों में लड्डू गोपाल की सेवा के विशेष नियमों का ध्यान रखना चाहिए, ताकि आपको सेवा का पूरा फल मिले। ...और पढ़ें

गर्मियों में लड्डू गोपाल की सेवा के नियम (Picture Credit: Freepik)
HighLights
लड्डू गोपाल की सेवा करने से मिलते हैं शुभ फल
गर्मियों में बदल जाते हैं लड्डू गोपाल की सेवा के नियम
लड्डू गोपाल के भोग में जरूर शामिल करें तुलसी दल
धर्म डेस्क, नई दिल्ली। कई लोग लड्डू गोपाल की सेवा करते हैं, उन्हें परिवार का ही एक नन्हा सदस्य मानते हुए करते हैं। मान्यता है कि जिस घर में कान्हा की सही विधि से सेवा होती है, वहां सुख, शांति और समृद्धि का सदा वास रहता है।
मौसम बदलते ही लड्डू गोपाल के सेवा नियमों में भी बदलाव आ जाता है। गर्मियां शुरू हो चुकी हैं, ऐसे में चलिए जानते हैं इस दौरान आप किस तरह लड्डू गोपाल की सेवा कर सकते हैं।
गर्मी में करें लड्डू गोपाल की विशेष देखभाल
- सुबह के समय लड्डू गोपाल को हल्के ठंडे पानी से स्नान कराएं। स्नान के जल में आप थोड़ा-सा गुलाब जल या गंगाजल भी मिला सकते हैं।
- स्नान के बाद लड्डू गोपाल को गोपी चंदन का तिलक लगाएं और इत्र का उपयोग करें, जिससे शीतलता बनी रहती है।
- गर्मी के मौसम में कान्हा जी को हल्के, आरामदायक और सूती कपड़े ही पहनाएं। साथ ही भारी या चुभने वाले गहने भी लड्डू गोपाल को न पहनाएं।
- आप भारी गहनों के स्थान पर ताजे फूलों की माला लड्डू गोपाल को पहना सकते हैं, जो उन्हें ठंडक प्रदान करती है।
- लड्डू गोपाल के पास हमेशा साफ और ठंडा पीने का पानी रखें। इस पानी को समय-समय पर बदलते रहें।
भोग लगाने के नियम
कहा जाता है कि प्रेम से लगाया गया भोग कान्हा जी के पास पहुंच जाता है, लेकिन इसके कुछ विशेष नियम भी बताए गए हैं, जिनका ध्यान रखना जरूरी है -
- कान्हा जी का भोग हमेशा स्नान के बाद ही तैयार करें। भोजन पूरी तरह सात्विक (बिना प्याज-लहसुन) होना चाहिए।
- लड्डू गोपाल के भोग में तुलसी दल जरूर शामिल करें, क्योंकि इसके बिना लड्डू गोपाल का भोग अधूरा होता है।
- अपनी श्रद्धा के अनुसार, भोग लगाने के लिए आप चांदी, पीतल, तांबे या कांसे के बर्तनों का उपयोग कर सकते हैं। प्लास्टिक के बर्तन का प्रयोग करने से बचें।
- कान्हा जी को माखन-मिश्री अत्यंत प्रिय हैं। साथ ही आप उन्हें मौसमी फल और मेवे आदि का भी भोग लगा सकते हैं।
भोग समर्पित का मंत्र -
जब भी आप लड्डू गोपाल को भोग अर्पित करें, तो इस मंत्र का उच्चारण जरूर करें। इससे आपकी सेवा पूर्ण मानी जाती है -
त्वदीयं वस्तु गोविन्द तुभ्यमेव समर्पये।
गृहाणे सम्मुखो भूत्वा प्रसीद परमेश्वर ।।
इस मंत्र का अर्थ है कि - हे गोविंद! आपकी दी हुई वस्तु ही मैं आपको समर्पित कर रहा/रही हूं। कृपया मेरे सम्मुख प्रकट होकर इसे स्वीकार करें और मुझ पर प्रसन्न हों।
रखें इन बातों का ध्यान
- लड्डू गोपाल को मंदिर में इस प्रकार रखना चाहिए कि उनका मुख पूर्व दिशा की ओर हो।
- उन्हें कभी भी सीधा जमीन पर न रखें, हमेशा किसी ऊंचे स्थान या फिर लकड़ी की चौकी पर ही विराजित करें।
- कान्हा को कभी भी गंदे या पुराने फटे वस्त्र न पहनाएं। ऐसा करना दरिद्रता को न्यौता दे सकता है।
- घर में कभी भी खंडित मूर्ति न रखें। इससे नकारात्मकता बढ़ती है।
- यदि मूर्ति खंडित हो गई है, तो क्षमा मांगते हुए इस मूर्ति को पवित्र जल में विसर्जन कर दें और इसके स्थान पर नई मूर्ति लाएं।
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