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    Chaitra Month 2026: चैत्र माह में भूल से भी न खाएं ये 4 चीजें, सेहत के साथ समृद्धि पर भी पड़ता है बुरा असर

    Updated: Sun, 15 Mar 2026 09:00 AM (IST)

    चैत्र माह (Chaitra Month 2026) मां दुर्गा की आराधना और नई शुरुआत के लिए बहुत शुभ समय है। ...और पढ़ें

    Chaitra Month 2026: चैत्र माह के नियम। (Ai Generated Image)

    Chaitra Month 2026: चैत्र माह के नियम। (Ai Generated Image)

    HighLights

    1. चैत्र माह का हिंदू धर्म में बहुत ज्यादा महत्व है

    2. इस दौरान ज्यादा से ज्यादा धार्मिक काम करने चाहिए

    3. चैत्र माह को लेकर कई सारे नियम बनाए गए हैं

    दिव्या गौतम, एस्ट्रोपत्री। Chaitra Month 2026: साल 2026 में हिंदू नववर्ष की शुरुआत 19 मार्च से होने जा रही है। इसी पावन दिन से विक्रम संवत 2083 'सिद्धार्थी' का आरंभ माना जाएगा, जो हमारे जीवन में नई ऊर्जा और खुशहाली लेकर आता है। वैदिक पंचांग के अनुसार, चैत्र शुक्ल प्रतिपदा तिथि 19 मार्च को सुबह 6 बजकर 52 मिनट से शुरू होगी और अगले दिन तक रहेगी। यह समय मां दुर्गा की शक्ति की आराधना और नई शुरुआत के लिए बहुत पावन माना जाता है।

    इस वर्ष नवरात्रि का आरंभ कई शुभ संयोगों के बीच हो रहा है, जो भक्तों की बड़ी इच्छाएं पूरी करने और जीवन के सही ढंग से रखरखाव में सहायक सिद्ध होने की संभावना रखते हैं।

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    गुड़ और भारी भोजन से बना कर रखें दूरी

    चैत्र के महीने में सबसे पहली चीज जिससे परहेज करना चाहिए, वह है गुड़। सर्दियों में गुड़ खाना सेहत के लिए बहुत अच्छा होता है, लेकिन चैत्र के आते ही इसकी तासीर शरीर को नुकसान पहुंचाने लगती है। इस समय गुड़ खाने से शरीर में गर्मी बढ़ सकती है और पेट से जुड़ी परेशानियां होने का डर रहता है। साथ ही, इस महीने बहुत ज्यादा भारी, तला-भुना या मसालेदार भोजन खाने से भी बचना चाहिए।

    क्योंकि इस समय शरीर का तापमान बदल रहा होता है, इसलिए हल्का और सादा भोजन करना ही सबसे उत्तम रहता है। सादा खाना खाने से आपका मन शांत रहता है और आप भक्ति व अपने रोज के कामों में बेहतर ढंग से ध्यान लगा पाते हैं।

    मिश्री और नीम के सेवन का है खास महत्व

    धार्मिक और वैज्ञानिक दोनों नजरिए से चैत्र के महीने में मिश्री का सेवन बहुत लाभकारी माना गया है। जहां गुड़ से परहेज बताया गया है, वहीं मिश्री की ठंडी तासीर शरीर को संतुलित रखने में मदद करती है। इसके अलावा, इस महीने में खाली पेट नीम की कोमल पत्तियां चबाना बहुत ही शुभ और गुणकारी माना जाता है।

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    नीम हमारे खून को साफ करता है और आने वाली गर्मी के लिए हमारी रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है। जो लोग अपनी सेहत को लेकर सजग हैं और उनके लिए नीम का सेवन एक वरदान की तरह है। यह शरीर को रोगों से मुक्त रखकर मन को सहज बनाए रखता है।

    इन चीजों का त्याग दिलाता है मानसिक शांति

    भोजन की बात करें तो इस महीने कुछ खास दालों और मसालों से दूरी बनाने की सलाह दी जाती है। कोशिश करें कि चने की दाल और बहुत ज्यादा नमक का सेवन न करें। शास्त्रों में भी यही कहा गया है कि चैत्र में सादा जीवन जीना और खान-पान में संयम रखना मां दुर्गा की कृपा पाने का सबसे आसान तरीका है। जब आप सात्विक भोजन लेते हैं, तो आपकी सोच अपने आप अच्छी होने लगती है और घर का माहौल भी शांत रहता है।

    पूजा के समय पेट हल्का रहने से ध्यान भी बेहतर लगता है और आप पूरी श्रद्धा के साथ आरती में शामिल हो पाते हैं। खाने-पीने में किया गया यह छोटा सा बदलाव आपके जीवन को बेहतर ढंग से चलाने में मदद करता है और खुशहाली लेकर आता है।

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    लेखक: दिव्या गौतम, Astropatri.com अपनी प्रतिक्रिया देने के लिए hello@astropatri.com पर संपर्क करें।