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    चैत्र नवरात्र 2026: नौ दिनों तक करना होगा इन 5 नियमों का पालन, तभी मिलेगा मां दुर्गा का आशीर्वाद

    Updated: Thu, 12 Mar 2026 07:00 PM (IST)

    19 मार्च 2026 से शुरू हो रही चैत्र नवरात्र में मां दुर्गा की कृपा पाने के लिए सात्विक जीवन, ब्रह्मचर्य और अखंड ज्योति के नियमों का पालन करना अनिवार्य ...और पढ़ें

    चैत्र नवरात्र में मां दुर्गा की कृपा पाने का तरीका (Image Source: AI-Generated)

    चैत्र नवरात्र में मां दुर्गा की कृपा पाने का तरीका (Image Source: AI-Generated)

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    जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

    संक्षेप में पढ़ें

    दिव्या गौतम, एस्ट्रोपत्री। चैत्र नवरात्र का पावन पर्व 19 मार्च 2026 से शुरू हो रहा है। ये नौ दिन मां शक्ति की भक्ति और खुद को भीतर से शुद्ध करने के लिए सबसे उत्तम माने जाते हैं। मान्यता है कि जो भक्त इन दिनों में सच्चे मन और नियमों के साथ मां की आराधना करते हैं, उनके जीवन से सभी दुख और दरिद्रता दूर हो जाती है।

    यदि आप भी अपने जीवन के सही संचालन और मानसिक शांति की तलाश में हैं, तो इन नौ दिनों में कुछ खास बातों का ध्यान रखना बहुत जरूरी है। सही नियमों का पालन करने से न केवल घर में बरकत आती है, बल्कि आपकी बड़ी इच्छाएं पूरी होने की संभावना भी बढ़ जाती है।

    सात्विक जीवन और खान-पान का महत्व

    नवरात्र के दौरान सबसे पहला और जरूरी नियम है सात्विक जीवन जीना। इन नौ दिनों में तामसिक भोजन जैसे प्याज, लहसुन और मांसाहार से पूरी तरह दूरी बना लेनी चाहिए। इसके पीछे का उद्देश्य केवल धार्मिक ही नहीं, बल्कि वैज्ञानिक भी है, ताकि व्रत के दौरान शरीर और मन दोनों शांत रहें।

    यदि आप व्रत नहीं भी रख रहे हैं, तब भी सादगी भरा भोजन करना आपके भीतर सहजता लेकर आता है। इस दौरान खुद को साफ-सुथरा रखना और मधुर वाणी का प्रयोग करना आपके व्यक्तित्व में सकारात्मक बदलाव लाता है। जब हम पवित्रता के साथ दिन बिताते हैं, तो भविष्य की चिंताओं की आशंका कम होने लगती है।

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    ब्रह्मचर्य और मानसिक अनुशासन

    शक्ति की साधना के लिए मानसिक और शारीरिक अनुशासन बहुत आवश्यक है। नवरात्र के नौ दिनों में ब्रह्मचर्य का पालन करना चाहिए और मन में किसी के प्रति द्वेष या गलत विचार नहीं आने देने चाहिए। यह समय ग्रैटिट्यूड मेडिटेशन के लिए बहुत अच्छा है, जहाँ आप अपनी खुशियों के लिए भगवान का शुक्रिया अदा करें।

    किसी की बुराई करने या झूठ बोलने से बचना चाहिए, क्योंकि इससे आपकी ऊर्जा का ह्रास होता है। जब आप शांत और एकाग्र मन से मां का ध्यान करते हैं, तो आपके कार्यों के सफल संचालन में आने वाली बाधाएं अपने आप दूर होने लगती हैं। यह अनुशासन आपको अपनी बड़ी इच्छाएं हासिल करने की शक्ति देता है।

    अखंड ज्योति और घर की मर्यादा

    यदि आपने घर में कलश स्थापना की है या अखंड ज्योति जलाई है, तो घर को कभी भी खाली नहीं छोड़ना चाहिए। अखंड ज्योति मां की उपस्थिति का प्रतीक है, इसलिए इसकी मर्यादा का ध्यान रखना अनिवार्य है। घर के वातावरण को खुशनुमा और सुगंधित बनाए रखें। धूप-दीप के प्रयोग से नकारात्मक ऊर्जा घर में प्रवेश नहीं कर पाती।

    इन नौ दिनों में दिन के समय सोने से बचना चाहिए और अपना अधिकतम समय मां के नाम के जाप में लगाना चाहिए। इससे न केवल आपके घर में सुख-शांति बनी रहती है, बल्कि पिता की संपत्ति और पारिवारिक मान-सम्मान में भी वृद्धि की संभावना प्रबल होती है।

    Navratri niyam

    (Image Source: AI-Generated)

    आरती का समय और श्रद्धा का फल

    पूजा का पूर्ण फल पाने के लिए प्रतिदिन सुबह और शाम नियम से आरती करना बहुत जरूरी है। आरती के समय पूरे परिवार का साथ होना घर में एकता और सकारात्मकता का संचार करता है। आरती के बाद अपनी भूल-चूक के लिए मां से क्षमा मांगें और उनसे बेहतर भविष्य की प्रार्थना करें।

    सच्ची भक्ति और नियमों का पालन करने से मां दुर्गा का आशीर्वाद सदैव आप पर बना रहता है। जब हम सहज भाव से इन नियमों को अपने जीवन का हिस्सा बनाते हैं, तो हर कदम प्रगति की ओर बढ़ता है और जीवन की जटिलताएं कम होती हैं। मां की कृपा आपके जीवन को खुशियों से भरने की पूरी शक्ति रखती है।

    लेखक: दिव्या गौतम, Astropatri.com अपनी प्रतिक्रिया देने के लिए hello@astropatri.com पर संपर्क करें।