Chaitra Purnima 2026: घर में रहती है पैसों की तंगी? पूर्णिमा की रात आजमाएं ये 3 उपाय
चैत्र पूर्णिमा 2026 की रात मां लक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए करें ये 3 खास काम। ईशान कोण में दीपक जलाने से लेकर श्री सूक्त पाठ और चंद्रमा को अर्घ्य द ...और पढ़ें
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Chaitra Purnima 2026: चैत्र पूर्णिमा पर करें ये उपाय (Image Source: AI-Generated)

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
धर्म डेस्क, नई दिल्ली। हिंदू कैलेंडर के अनुसार चैत्र का महीना (Chaitra Month) साल का पहला महीना होता है और इसकी पूर्णिमा का महत्व सबसे खास माना गया है। साल 2026 में चैत्र पूर्णिमा (Chaitra Purnima) पर बहुत ही अद्भुत संयोग बन रहा है।
क्या आप जानते हैं कि शास्त्रों में पूर्णिमा की रात को मां लक्ष्मी के आगमन की रात क्यों कहा गया है? असल में, पौराणिक कथाओं के अनुसार मां लक्ष्मी और चंद्रमा दोनों की उत्पत्ति समुद्र मंथन से हुई थी, इसलिए दोनों का रिश्ता भाई-बहन जैसा माना जाता है। कहते हैं कि पूर्णिमा की रात मां लक्ष्मी बेहद प्रसन्न मुद्रा में पृथ्वी पर भ्रमण करती हैं।
पूर्णिमा की रात जरूर करें ये 3 उपाय
1. ईशान कोण में जलाएं एक छोटा सा दीपक
वास्तु शास्त्र के अनुसार, घर का उत्तर-पूर्व कोना यानी 'ईशान कोण' देवताओं का स्थान होता है। पूर्णिमा की रात को घर के इसी कोने की अच्छे से सफाई करें और वहां घी का एक मुखी दीपक जलाएं।
कहते हैं कि इस कोने में रोशनी करने से घर की सारी नकारात्मक ऊर्जा (Negative Energy) बाहर निकल जाती है। साथ ही, मां लक्ष्मी के आने का रास्ता साफ होता है। यह दीया आपके घर में सुख और समृद्धि का प्रतीक माना जाता है।
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(Image Source: AI-Generated)
2. श्री सूक्त का पाठ: लक्ष्मी जी को बुलाने का सबसे असरदार तरीका
अगर आप चाहते हैं कि मां लक्ष्मी आपके घर में सिर्फ आएं ही नहीं, बल्कि वहीं बस जाएं, तो इस रात 'श्री सूक्त' का पाठ जरूर करें। इसे पढ़ना बहुत मुश्किल नहीं है, आप किसी किताब या इंटरनेट की मदद ले सकते हैं।
श्री सूक्त ऋग्वेद का हिस्सा है और इसे मां लक्ष्मी की स्तुति का सबसे शक्तिशाली मंत्र माना जाता है। इस पाठ को करने से घर का वातावरण पवित्र होता है और धन से जुड़ी परेशानियां धीरे-धीरे खत्म होने लगती हैं।
3. मन की शांति और सफलता के लिए चंद्रमा को दें अर्घ्य
पूर्णिमा की रात को एक लोटे में जल लें, उसमें थोड़ा सा कच्चा दूध और सफेद फूल डालें। अब चंद्रमा को देखते हुए धीरे-धीरे यह जल उन्हें अर्पित करें (अर्घ्य दें)।
ज्योतिष शास्त्र में चंद्रमा को 'मन का कारक' माना गया है। अर्घ्य देने से न केवल मानसिक तनाव (Mental Stress) कम होता है, बल्कि आपकी कुंडली में चंद्र देव मजबूत होते हैं, जिससे जीवन में स्थायित्व (Stability) आता है।
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अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया अंधविश्वास के खिलाफ है।