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    Chanakya Niti: आचार्य चाणक्य के अनुसार, साक्षात मृत्यु के समान है इन लोगों के साथ रहना

    Updated: Tue, 09 Dec 2025 05:52 PM (IST)

    आचार्य चाणक्य को अर्थशास्त्र और नीतिशास्त्र के जनक के रूप में जाना जाता है। उन्होंने चाणक्य नीति में ऐसी कई उपयोगी बातें बताई हैं, जिनका पालन करके खुश ...और पढ़ें

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    HighLights

    1. चाणक्य नीति में बताई गई हैं कई उपयोगी बातें

    2. जीवन में मुसीबतें खड़ी कर सकते हैं ये लोग

    3. मृत्यु के समान है इन लोगों के साथ रहना

    धर्म डेस्क, नई दिल्ली। आचार्य चाणक्य इतिहास के उन विद्वानों में से एक रहे हैं, जिनके द्वारा लिखित चाणक्य नीति (Chanakya Niti tips in Hindi)  को लोग आज भी पढ़ना पसंद करते हैं। आप चाणक्य नीति के इस श्लोक से जान सकते हैं कि किन लोगों का साथ आपको जीवन को बर्बाद कर सकता है। ऐसे में जितना जल्दी हो सके, इन लोगों से दूरी बना लें। चाणक्य ने इन लोगों के साथ रहना मृत्यु के समान बताया है।

    दुष्टाभार्या शठं मित्रं भृत्यश्चोत्तरदायकः ।
    संसर्प च गृहे वासो मृत्युरेव नः संशयः ।।५।।

    1. यह श्लोक चाणक्य नीति के प्रथम अध्याय से लिया गया है, जिसमें आचार्य चाणक्य ने ऐसी कुछ चीजों का वर्णन किया है, जिसने साथ यदि आप रहते हैं, तो यह आपको लिए किसी मृत्यु से कम नहीं है। जिसमें पहला है दुष्ट पत्नी या लाइफ पार्टनर। यदि आपका लाइफ पार्टनर सही नहीं है, तो ऐसे में भी जीवन नर्क के समान हो जाता है। इसलिए ऐसे पार्टनर का साथ छोड़ देना चाहिए।

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    (AI Generated Image)

    2. इस श्लोक में बताया गया है कि एक झूठा या दुष्ट प्रवृति का मित्र किसी दुश्मन से कम नहीं है। अगर आपका मित्र भी झूठा है, तो ऐसे दोस्त का साथ छोड़ देना चाहिए। क्योंकि ये लोग खुद के लिए तो मुसीबत खड़ी करते ही हैं, साथ ही आपके लिए भी कई मुश्किलें पैदा कर सकते हैं।

    3. आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी को थोड़ा आसान बनाने के लिए सर्वेंट रखना एक आम बात है, लेकिन आचार्य चाणक्य का इसपर कहना है कि अगर आपका नौकर दुष्ट प्रवृति का है, तो इससे भी आपके लिए मुसीबतें खड़ी हो सकती हैं। इसलिए हमेशा अच्छे से जांच-परखकर ही आपको किसी व्यक्ति को सर्वेंट रखना चाहिए।

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    (Picture Credit: Freepik) (AI Image)

    आचार्य चाणक्य ने इन सभी की तुलना सर्प यानी सांप से की है, क्योंकि सांप के साथ निवास करना भी साक्षात मृत्यु के समान है।

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