Chanakya Niti: चाणक्य नीति के ये सूत्र आपके रिश्तों को बनाएंगे और भी मजबूत
चाणक्य ने नीति शास्त्र और अर्थशास्त्र समेत कई ग्रंथों की रचना की है। उन्हें भारत का कौटिल्य भी कहा जाता है। आचार्य चाणक्य (chanakya niti tips in hindi ...और पढ़ें

रिश्तों को मजबूत बनाने के लिए चाणक्य नीति (AI Generated Image)

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धर्म डेस्क, नई दिल्ली। आचार्य चाणक्य (Acharya Chanakya) ने अपने नीति शास्त्र में कुछ ऐसी बातें बताई हैं, जिनका अगर आप ध्यान रखते हैं, तो इससे रिश्तों में मजबूती आती है। फिर चाहे वह रिश्ता पति-पत्नी का हो या फिर माता-पिता व संतान का। चलिए पढ़ते हैं चाणक्य नीति की कुछ ऐसी ही टिप्स।
1. पति-पत्नी के लिए जरूरी बात
मूर्खाः यत्र न पूज्यन्ते धान्यं यत्र सुसंचितम् ।
दाम्पत्योः कलहो नास्ति तत्र श्री स्वयमागता॥
आचार्य चाणक्य इस श्लोक में कहते हैं कि जिस घर में मूर्खों का सम्मान नहीं होता, अन्न के भंडार सदा भरे रहते हैं और पति-पत्नी में कलह नहीं होता, वहां स्वयं मां लक्ष्मी विराजमना रहती हैं। यदि आप भी अपने घर में मां लक्ष्मी का वास चाहते हैं, तो इन बातों का ध्यान रखें और अपने दाम्पत्य जीवन में शांति व प्रेम बनाए रखें।

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2. पार्टनर चुनने में न करें ये गलती
रूपयौवनसम्पन्ना विशालकुलसम्भवाः।
विद्याहीना न शोभन्ते निर्गन्धा इव किंशुकाः ॥
चाणक्य नीति के इस श्लोक में कहा गया है कि रूप और यौवन से सम्पन्न, उच्च कुल में उत्पन्न होकर भी विद्याहीन मनुष्य सुगन्धहीन फूल के समान होते हैं और शोभा नहीं देते। ऐसे में आपको अपना पार्टनर चुनते समय भी इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि सामने वाला व्यक्ति कितना भी खूबसूरत क्यों न हो, लेकिन अगर उसे किसी चीज का ज्ञान नहीं है, तो इस स्थिति में आपकी खूबसूरती किसी काम नहीं आती।

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3. माता-पिता व संतान का रिश्ता
लालनाद् बहवो दोषास्ताडनाद् बहवो गुणाः।
तस्मात्पुत्रं च शिष्यं च ताडयेन्न तु लालयेत् ॥
इस श्लोक में चाणक्य कहते हैं कि अधिक लाड़ करने से उस व्यक्ति में अनेक दोष उत्पन्न हो सकते हैं। डाट-फटकार या सख्ती से गुण आते हैं। इसलिए पुत्र और शिष्य को लालन की नहीं ताड़न की आवश्यकता होती है।
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आज के समय में कुछ माता-पिता अपने बच्चे को कुछ ज्यादा ही लाड़-प्यार कर देते हैं, जिससे वह बिगड़ जाते हैं और बदजमीजी करने लगते हैं। इसलिए उन्हें अच्छा व्यवहार सिखाने के लिए कभी-कभी सख्ती भी बरतनी चाहिए।
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