क्या आप भी घर में जलाते हैं 4 लौ वाला दीपक? भूलकर भी न करें दिशा की ये गलती
हिंदू धर्म में चौमुखी दीपक का विशेष महत्व है। जानिए इसे जलाने की सही दिशा। कैसे यह एक दीपक आपके जीवन से भय और वास्तु दोष को मिटा सकता है। ...और पढ़ें

चौमुखी दीपक का महत्व (AI-Generated Image)

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धर्म डेस्क, नई दिल्ली। हिंदू धर्म में दीपक जलाना केवल एक परंपरा नहीं, बल्कि अंधकार पर प्रकाश की विजय और ज्ञान के प्रसार का प्रतीक माना जाता है। किसी भी शुभ कार्य या दैनिक पूजा में दीपक के बिना प्रार्थना अधूरी मानी जाती है। वैसे तो हम रोज की पूजा में एक बाती वाला दीपक जलाते हैं, लेकिन 'चौमुखी दीपक' (चार मुख वाला दीपक) का अपना एक विशेष आध्यात्मिक महत्व है।
भैरव देव की मिलती है असीम कृपा
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, घर में चार लौ वाला दीपक जलाने से भगवान भैरव अत्यंत प्रसन्न होते हैं। भैरव देव को कष्टों का हरण करने वाला देवता माना जाता है। अगर परिवार का कोई सदस्य अज्ञात भय से परेशान है या जीवन में दुखों का अंबार लगा है, तो चौमुखी दीपक जलाना एक अचूक उपाय है।
इसकी चार बातियां चारों दिशाओं में समान रूप से प्रकाश फैलाती हैं, जो इस बात का प्रतीक है कि आपके जीवन के हर कोने में सुख और सकारात्मकता (Positivity) का संचार हो रहा है।
सही तेल और सही दिशा का चुनाव
वास्तु और ज्योतिष शास्त्र में चौमुखी दीपक के लिए सरसों के तेल को सबसे उत्तम माना गया है। ऐसा माना जाता है कि जिस घर में सुबह-शाम सरसों के तेल से यह दीपक जलता है, वहां नकारात्मक शक्तियां कभी प्रवेश नहीं कर पातीं।
सबसे महत्वपूर्ण बात इसकी दिशा है। चौमुखी दीपक को हमेशा दक्षिण दिशा में जलाना चाहिए। दक्षिण दिशा को ऊर्जा का केंद्र माना जाता है और इस दिशा में दीपक जलाने से घर के वास्तु दोषों का निवारण होता है।

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पितृ दोष से मुक्ति का रामबाण उपाय
अगर आपकी कुंडली में पितृ दोष है या घर में उन्नति रुकी हुई है, तो अमावस्या तिथि का उपाय आपके लिए वरदान साबित हो सकता है। अमावस्या के दिन तिल के तेल से चौमुखी दीपक जलाने की सलाह दी जाती है। माना जाता है कि इस उपाय से पितृ प्रसन्न होते हैं और परिवार को सुख-समृद्धि का आशीर्वाद देते हैं।
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जीवन पर क्या प्रभाव पड़ता है?
चौमुखी दीपक न केवल घर की नकारात्मक ऊर्जा को नष्ट करता है, बल्कि यह मानसिक शांति भी प्रदान करता है। जब चारों दिशाएं प्रकाशित होती हैं, तो व्यक्ति के आत्मविश्वास में वृद्धि होती है और वह भयमुक्त होकर अपने लक्ष्यों की प्राप्ति की ओर बढ़ता है।
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अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें।