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    Dev Deepawali 2025: देव दीपावली पर नहीं जा पा रहे गंगा के घाट, तो घर के इन स्थानों पर जलाएं दीपक

    Updated: Mon, 03 Nov 2025 10:51 AM (IST)

    इस बार देव दीपावली का पर्व बुधवार, 5 नवंबर को मनाया जा रहा है। इस दिन पर प्रदोष काल गंगा के घाट विशेषकर वाराणसी में मिट्टी के दीप जलाकर दीपदान करना का ...और पढ़ें

    Dev Deepawali 2025 (Background Picture Credit: Freepik)

    Dev Deepawali 2025 (Background Picture Credit: Freepik)

    HighLights

    1. इस बार 5 नवंबर को मनाई जाएगी देव दीपावली।

    2. भगवान शिव से माना गया है इस पर्व का संबंध।

    3. गंगा के घाट जाकर दीपक जलाने का है विशेष महत्व।

    धर्म डेस्क, नई दिल्ली। हर साल कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर वाराणसी में देव दीपावली (Dev Deepawali 2025) का पर्व मनाया जाता है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, कार्तिक पूर्णिमा के दिन ही भगवान शिव ने त्रिपुरासुर नामक दैत्य का वध किया था। तब सभी देवी-देवताओं ने धरती पर आपक दीप जलाए थे। इसलिए इस दिन को देवताओं की दीपावली यानी देवी दीपावली के रूप में जाना जाता है।

    सभी दुखों का होता है नाश

    देव दीपावली पर सबसे पहले स्नान कर साफ कपड़े पहनें। इसके बाद शुभ मुहूर्त में अपने मंदिर में घी का दीपक जरूर जलाएं। इसके साथ ही आप भगवान विष्णु और भगवान शिव के मंदिर जाकर भी दीपक जला सकते हैं। ऐसा करने से साधक को भगवान शिव और विष्णु जी की कृपा की प्राप्ति होती है और सभी दुखों का नाश होता है।

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    (Picture Credit: Freepik) (AI Image)

    इन जगहों पर भी दीपक जलाना है शुभ

    देव दीपावली के दिन घर के मंदिर के साथ-साथ मुख्य द्वार पर, तुलसी के पौधे के पास और रसोई घर में पानी के स्थान के पास दीपक जलाना काफी शुभ माना गया है। इसके साथ ही इससे घर के ईशान कोण यानी उत्तर-पूर्व दिशा और आंगन में भी दीपक जलाना शुभ माना जाता है। इससे घर में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह बढ़ता है, जिससे सुख-शांति का माहौल बना रहता है।

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    (AI Generated Image)

    कितने दीपक जलाएं

    इस दिन पर आप प्रदोष काल मुहूर्त में घर के विभिन्न स्थानों पर अपनी श्रद्धा के अनुसार विषम संख्या में जैसे - 5, 7, 11, 21, 51 या 101 जैसे दीपक जला सकते हैं। इस बार आप प्रदोष काल मुहूर्त शाम 5 बजकर 15 मिनट से शाम 7 बजकर 50 मिनट तक रहने वाला है। वहीं इस दिन पर भगवान शिव की पूजा में 8 या 12 मुख वाला दीपक जलाना शुभ माना गया है।

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    अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया अंधविश्वास के खिलाफ है।