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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 14, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Dhanteras 2022: धनतेरस से अगले पांच दिनों तक ऐसे करें दक्षिणावर्ती शंख की पूजा, नहीं होगी पैसों की कमी

    By Shivani SinghEdited By:
    Updated: Fri, 21 Oct 2022 12:09 PM (IST)

    Dhanteras 2022 Dakshinavarti Shankh दिवाली के पांच दिनों में मां लक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए विभिन्न तरह के उपाय अपनाते हैं। आप चाहे तो मां लक्ष्मी ...और पढ़ें

    Dhanteras 2022: धनतेरस से अगले पांच दिनों तक ऐसे करें दक्षिणावर्ती शंख की पूजा, होगी मां लक्ष्मी प्रसन्न
    Dhanteras 2022: धनतेरस से अगले पांच दिनों तक ऐसे करें दक्षिणावर्ती शंख की पूजा, होगी मां लक्ष्मी प्रसन्न

    नई दिल्ली, Dhanteras 2022 Dakshinavarti Shankh: धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, दक्षिणावर्ती शंख में मां लक्ष्मी का वास होता है। इसलिए यह उन्हें बेहद प्रिय है। इसलिए जिस घर में ये शंख होता है वहीं कभी भी धन की कमी नहीं होती है। इसके साथ ही घर में भूत-पिशाच और नकारात्मक ऊर्जा प्रवेश नहीं कर पाती है। धनतेरस के दिन मां लक्ष्मी की कृपा पाने के लिए शंख की पूजा करना भी काफी शुभ होता है। जानिए कैसे करें दक्षिणवर्ती शंख की पूजा

    शंख पूजन के लिए सामग्री

    धनतेरस के दिन से उन उपाय को करने के लिए पहले से ही इस सामग्री को इकट्ठा कर लें जिससे बाद में समस्या न हो। इसलिए दक्षिणावर्ती शंख, थोड़ा सा केसर, सिंदूर, गंगाजल, लाल रंग का वस्त्र, घी का दीपक और अगरबत्ती

    दक्षिणावर्ती शंख की पूजन विधि

    धनतेरस के दिन एक चौकी में लाल रंग का कपड़ा बिछाकर मां लक्ष्मी के साथ-साथ भगवान धन्वंतरी की मूर्ति या तस्वीर रख दें। इसके साथ ही दक्षिणावर्ती शंख रख दें।

    अब मां लक्ष्मी और भगवान धन्वंतरी की विधिवत पूजा करें। इसके साथ दी शंख को गंगाजल में थोड़ा सा पानी मिलाकर भर दें। इसके बाद केसर से स्वास्तिक बनाएं और कुमकुम या सिंदूर से तिलक लगाएं। इसके साथ ही फूल चढ़ा दें। फिर एक आसन में बैठकर आरान से स्फटिक की माला से इस लक्ष्मी मंत्र का सात बार जाप करें। भैया दूज तक रोजाना ऐसे ही करें।

    भैया दूज के बाद भूल चूक के लिए माफी मांग लें और फिर शंख में मौजूद गंगाजल को पूरे घर के साथ हर सदस्य के ऊपर छिड़क देँ। चे हुए जल को पौधे में डाल दें। इसके बाद शंख को लाल वस्त्र में ही बांधकर घर में रख दें। शंख को ऐसी जगह रखें जिसे कोई बार बार छुएं नहीं।

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    मंत्रः

    ऊं ह्रीं ह्रीं ह्रीं महालक्ष्मी धनदा लक्ष्मी कुबेराय मम गृह स्थिरो ह्रीं ऊं नमः

    Pic Credit- Freepik

    डिसक्लेमर

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