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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 29, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Dhanteras 2023: धनतेरस के दौरान इस विधि से करें पूजा, जानें महत्व

    By Vaishnavi DwivediEdited By: Vaishnavi Dwivedi
    Updated: Sun, 29 Oct 2023 09:16 AM (IST)

    Dhanteras 2023 धनतेरस के दिन भगवान धन्वंतरि और कुबेर जी की पूजा का विधान है। ऐसा कहा जाता है कि धन्वंतरि जी भगवान विष्णु के अवतार हैं। मान्यताओं के अन ...और पढ़ें

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    नई दिल्ली, अध्यात्म डेस्क। Dhanteras 2023: धनतेरस हिंदू धर्म के महत्वपूर्ण त्योहारों में से एक है। इस साल धनत्रयोदशी 10 नवंबर को पड़ रही है। शास्त्र अनुसार, इस दिन भगवान धन्वंतरि और कुबेर जी की पूजा का विधान है। ऐसा कहा जाता है, कि धन्वंतरि जी भगवान विष्णु के अवतार हैं। मान्यताओं के अनुसार, अगर इस दिन सच्चे दिल विष्णु अवतारी धन्वंतरि और कुबेर पूजा की जाए, तो जीवन में स्वास्थ्य और धन संबंधी समस्याएं कभी परेशान नहीं करती है।

    धनतेरस पूजा विधि

    हिंदू पंचांग अनुसार, धनतेरस हर साल आश्विन महीने में चंद्रमा के कृष्ण पक्ष चरण के दौरान तेरहवें दिन मनाया जाता है। यह एक ऐसा त्योहार है, जहां भक्त धन और समृद्धि की देवी, मां लक्ष्मी की पूजा करते हैं, और उनसे सुख-शांति का आशीर्वाद मांगते हैं।

    धनतेरस पूजा में सबसे पहले गणेश पूजा करें। इसके बाद भगवान धन्वंतरि और कुबेर जी की पूजा करें। रोली या फिर चंदन का टीका लगाएं। फूल की माला अर्पित करें। साथ ही मिठाई का भोग लगाएं। अंत में घी के दीपक से आरती कर पूजा का समापन करें।

    धनतेरस पूजा का महत्व

    धनतेरस वाले दिन लोग अपने घरों में सौभाग्य और समृद्धि को आकर्षित करने के लिए सोने-चांदी के गहने और बर्तन खरीदने के लिए निकलते हैं। यह त्यौहार आमतौर पर हिंदुओं के सबसे बड़े त्योहार दिवाली से एक या दो दिन पहले मनाया जाता है।

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    प्रसिद्ध समुद्र मंथन की प्रचलित कहानी के अनुसार, धनत्रयोदशी के दिन ही देवी लक्ष्मी समुद्र मंथन से प्रकट हुई थीं। यही कारण है कि हर साल त्रयोदशी तिथि पर देवी लक्ष्मी की पूजा की जाती है। इसके अलावा, इस दिन भगवान विष्णु का अवतार माने जाने वाले धन्वंतरि और कुबेर जी की पूजा होती है।

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    डिसक्लेमर: इस लेख में निहित किसी भी जानकारी/सामग्री/गणना की सटीकता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है। विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों से संग्रहित कर ये जानकारियां आप तक पहुंचाई गई हैं। हमारा उद्देश्य महज सूचना पहुंचाना है, इसके उपयोगकर्ता इसे महज सूचना समझकर ही लें। इसके अतिरिक्त, इसके किसी भी उपयोग की जिम्मेदारी स्वयं उपयोगकर्ता की ही रहेगी।