करियर और बिजनेस में चाहिए अपार सफलता? तो सूर्य देव को ऐसे दें अर्घ्य
भानु सप्तमी (Bhanu Saptami 2026) के दिन भगवान सूर्य की पूजा का विधान है। ...और पढ़ें

Bhanu Saptami: भानु सप्तमी अर्घ्य विधि।
HighLights
भानु सप्तमी का हिंदू धर्म में बड़ा महत्व है
इस दिन व्रत रखने से करियर में उन्नति मिलती है
इस पावन तिथि को लेकर कई सारी मान्यताएं हैं
धर्म डेस्क, नई दिल्ली। सनातन धर्म में भानु सप्तमी का विशेष महत्व है। सप्तमी तिथि भगवान सूर्य नारायण को समर्पित है। ऐसा माना जाता है कि इस दिन सूर्य देव की पूजा करने से भक्तों को साक्षात भगवान का आशीर्वाद मिलता है और जीवन का अंधकार दूर होता है।
अगर आप अपनी कुंडली में सूर्य ग्रह को मजबूत करना चाहते हैं, समाज में मान-सम्मान, उच्च पद और अच्छी सेहत की कामना रखते हैं, तो भानु सप्तमी के दिन भगवान सूर्य को इस खास विधि से अर्घ्य दें, ताकि जीवन के सभी संकटों का नाश हो सके।
सूर्य से जुड़े शुभ-अशुभ प्रभाव
कुंडली में सूर्य देव के कमजोर होने पर व्यक्ति को कार्यस्थल पर मुश्किलों का सामना करना पड़ता है, मेहनत का क्रेडिट नहीं मिलता और कारोबार में बाधाएं आती हैं। वहीं, जब सूर्य मजबूत होते हैं, तो व्यक्ति में लीडरशिप क्वालिटी आती है, सरकारी नौकरी के योग बनते हैं और बिजनेस में सही फैसले लेने की सूझबूझ मिलती है।
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अर्घ्य देने की सही विधि
- सूर्योदय से पहले उठकर स्नान करें और साफ वस्त्र धारण करें।
- अर्घ्य हमेशा तांबे के लोटे से ही दें। स्टील, प्लास्टिक या कांच के बर्तनों का भूलकर भी इस्तेमाल न करें।
- तांबे के लोटे में शुद्ध जल भरें। इसमें थोड़ा सा लाल चंदन, कुमकुम, अक्षत और लाल रंग के फूल डालें। बिजनेस में तरक्की के लिए जल में थोड़ी सी मिश्री भी मिलाएं।
- सूर्य देव के सामने खड़े होकर लोटे को अपने दोनों हाथों से पकड़ें। अब हाथ को सिर के ऊपर तक ले जाएं। धीरे-धीरे जल चढ़ाएं।
- जल चढ़ाते समय आपकी नजर सीधे सूर्य पर नहीं, बल्कि गिरती हुई जल की धारा के बीच से आने वाली सूर्य की किरणों पर होनी चाहिए।
सफलता के लिए करें इन मंत्रों का जप
- जल अर्पित करते समय ॐ सूर्याय नमः या ॐ घृणि सूर्याय नमः मंत्र का जाप कम से कम 11 बार करें। अर्घ्य पूरा होने के बाद उसी स्थान पर क्लॉकवाइज तीन बार परिक्रमा करें और गिरे हुए जल को अपने माथे और आंखों पर लगाएं।
- पूजा के अंत में भगवान सूर्य की भाव के साथ आरती करें।
- ध्यान रखें कि अर्घ्य देते समय जल की बूंदें आपके पैरों पर न पड़ें। इसके लिए आप नीचे कोई गमला या थाली रख सकते हैं, और बाद में उस जल को किसी पौधे की जड़ में डाल दें।
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