तुलसी का पौधा सूख गया है? तो भूलकर भी न करें ये गलती, जानें विसर्जन के सही नियम और विधि
तुलसी का सूखना कभी-कभी आने वाली किसी विपत्ति का संकेत भी माना जाता है, इसलिए इसकी देखभाल में लापरवाही न बरतें। अगर पौधा सूख गया है, तो उसे तुरंत हटाकर ...और पढ़ें

तुलसी का पौधा सूखना शुभ संकेत नहीं (Image Source: AI-Generated)

समय कम है?
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धर्म डेस्क, नई दिल्ली। तुलसी का पौधा हिंदू धर्म में केवल एक पौधा नहीं, बल्कि साक्षात 'लक्ष्मी' का रूप माना जाता है। लेकिन, कई बार मौसम के प्रभाव या सही देखभाल न होने के कारण तुलसी सूख जाती है। सूखे हुए तुलसी के पौधे को घर में रखना वास्तु और शास्त्र दोनों लिहाज से उचित नहीं माना जाता।
अक्सर लोग जाने-अनजाने में सूखी तुलसी को कहीं भी फेंक देते हैं या गलत तरीके से हटाते हैं, जिससे दोष लग सकता है। आइए जानते हैं अगर आपका भी तुलसी का पौधा सूख गया है तो उसको विसर्जित करने के सही नियम और वे खास उपाय जो आपके घर की सुख-शांति बनाए रखेंगे।
सूखी तुलसी को हटाने के नियम
1. विसर्जन का सही समय और दिन: तुलसी के सूखे पौधे को कभी भी रविवार, एकादशी या सूर्य ग्रहण/चंद्र ग्रहण के दिन नहीं हटाना चाहिए। इसके लिए गुरुवार या शुक्रवार का दिन सबसे शुभ माना जाता है क्योंकि ये दिन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी को समर्पित हैं।
2. सम्मानपूर्वक विसर्जन: सूखी हुई तुलसी को जड़ से उखाड़ते समय "ॐ नमो भगवते वासुदेवाय" मंत्र का जाप करें। इसे कचरे में फेंकने की गलती कभी न करें। आप इसे किसी पवित्र नदी या बहते जल में प्रवाहित कर सकते हैं। अगर नदी पास न हो, तो गमले की मिट्टी में ही गहरा गड्ढा खोदकर उसे दबा दें ताकि वह खाद बनकर मिट्टी में मिल जाए।
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गमले की मिट्टी का क्या करें?
तुलसी के पुराने गमले की मिट्टी अत्यंत पवित्र होती है। इसे इधर-उधर न फेंकें। नई तुलसी लगाने के लिए इसी मिट्टी का उपयोग करें या इसे अन्य फूलों के गमलों में डाल दें।

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तुलसी बार-बार सूख जाए तो क्या करें?
नया पौधा लगाना: पुरानी तुलसी हटाने के बाद उस स्थान को गंगाजल से शुद्ध करें और नया पौधा लगाएं। ध्यान रहे कि तुलसी के पास कभी भी कांटेदार पौधे या गंदगी न हो।
पीतल के बर्तन का उपयोग: शास्त्रों के अनुसार, अगर तुलसी बार-बार सूख रही है, तो उसकी जड़ में थोड़ा सा कच्चा दूध और जल मिलाकर अर्पित करें।
वास्तु सुधार: तुलसी को हमेशा उत्तर या उत्तर-पूर्व (ईशान कोण) दिशा में रखें। इससे घर में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह बना रहता है।
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