कब है Dwijapriya Sankashti Chaturthi? नोट करें चंद्रोदय का समय और पूजा का शुभ मुहूर्त
फाल्गुन माह की द्विजप्रिय संकष्टी चतुर्थी 5 फरवरी को मनाई जाएगी। इस दिन भगवान गणेश की पूजा और व्रत रखने से मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं तथा सुख-सौभाग्य म ...और पढ़ें

Dwijapriya Sankashti Chaturthi 202: भगवान गणेश की पूजा के लाभ (Image Source: AI-Generated)
HighLights
फाल्गुन महीने में आमलकी एकादशी मनाई जाती है।
इस दिन भगवान विष्णु की पूजा एवं भक्ति की जाती है।
भगवान विष्णु की पूजा से हर मनोकामना पूरी होती है।
धर्म डेस्क, नई दिल्ली। फाल्गुन का महीना देवों के देव महादेव को समर्पित होता है। इस महीने में पावन पर्व महाशिवरात्रि मनाया जाता है। इस शुभ अवसर पर भगवान शिव और मां पार्वती की भक्ति भाव से पूजा की जाती है। साथ ही उनके निमित्त शिवरात्रि का व्रत रखा जाता है।

फाल्गुन महीने की शुरुआत 02 फरवरी से हो रही है। इस माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि पर भगवान गणेश की भक्ति भाव से पूजा की जाती है। साथ ही चतुर्थी तिथि का व्रत भी रखा जाता है। इस व्रत के पुण्य-प्रताप से साधक की हर मनोकामना पूरी होती है। साथ ही सुख और सौभाग्य में अपार वृद्धि होती है। आइए, फाल्गुन माह की चतुर्थी की सही तिथि और शुभ मुहूर्त जानते हैं-
गजानन संकष्टी चतुर्थी शुभ मुहूर्त (Gajanan Sankasthi Chaturthi Shubh Muhurat)
वैदिक पंचांग के अनुसार, 05 फरवरी को देर रात 12 बजकर 09 मिनट पर फाल्गुन माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि की शुरुआत होगी और 06 फरवरी को देर रात 12 बजकर 22 मिनट पर चतुर्थी तिथि समाप्त होगी। सनातन धर्म में सूर्योदय से तिथि की गणना की जाती है। इस प्रकार 05 फरवरी को द्विजप्रिय संकष्टी चतुर्थी मनाई जाएगी। द्विजप्रिय संकष्टी चतुर्थी पर चन्द्रोदय का समय रात 09 बजकर 38 मिनट पर है।
गजानन संकष्टी चतुर्थी शुभ योग (Gajanan Sankasthi Chaturthi Shubh Muhurat)
ज्योतिषियों की मानें तो सावन माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि पर एक साथ कई शुभ और मंगलकारी योग बन रहे हैं। इन योग में भगवान गणेश की पूजा करने से साधक की हर परेशानी दूर होगी। इनमें सुकर्मा योग का संयोग दिन भर है। इसके साथ ही शिववास योग का भी संयोग बन रहा है।
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पंचांग
- सूर्योदय - सुबह 07 बजकर 07 मिनट पर
- सूर्यास्त - शाम 06 बजकर 33 मिनट पर
- चन्द्रोदय- शाम 09 बजकर 38 मिनट पर
- चन्द्रास्त- सुबह 09 बजकर 05 मिनट पर
- ब्रह्म मुहूर्त - सुबह 05 बजकर 22 मिनट से 06 बजकर 15 मिनट तक
- विजय मुहूर्त - दोपहर 02 बजकर 25 मिनट से 03 बजकर 08 मिनट तक
- गोधूलि मुहूर्त - शाम 06 बजकर 01 मिनट से 06 बजकर 27 मिनट तक
- निशिता मुहूर्त - रात्रि 12 बजकर 09 मिनट से 01 बजकर 01 मिनट तक
गणेश मंत्र
1. ऊँ वक्रतुण्ड महाकाय सूर्य कोटि समप्रभ ।
निर्विघ्नं कुरू मे देव, सर्व कार्येषु सर्वदा ॥
2. ऊँ एकदन्ताय विहे वक्रतुण्डाय धीमहि तन्नो दन्तिः प्रचोदयात् ॥
3. 'गणपूज्यो वक्रतुण्ड एकदंष्ट्री त्रियम्बक:।
नीलग्रीवो लम्बोदरो विकटो विघ्रराजक :।।
धूम्रवर्णों भालचन्द्रो दशमस्तु विनायक:।
गणपर्तिहस्तिमुखो द्वादशारे यजेद्गणम।।
4. ॐ वक्रतुण्डैक दंष्ट्राय क्लीं ह्रीं श्रीं गं गणपते वर वरद सर्वजनं मे वशमानय स्वाहा।
5. दन्ताभये चक्रवरौ दधानं, कराग्रगं स्वर्णघटं त्रिनेत्रम्।
धृताब्जयालिङ्गितमाब्धि पुत्र्या-लक्ष्मी गणेशं कनकाभमीडे॥
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