Falgun 2026 Date: कब से शुरू हो रहा है फाल्गुन, यहां पढ़ें क्या करें और क्या न करें?
हिंदू कैलेंडर के अनुसार, फाल्गुन (Falgun 2026) हिंदू वर्ष का आखिरी महीना होता है। इस माह के बाद हिंदू नववर्ष की शुरुआत होती है। फाल्गुन में होली समेत ...और पढ़ें

फाल्गुन में मनाई जाती है होली (Image Source: AI-Generated)
HighLights
फाल्गुन माह वर्ष का 12वां महीना होता है
महीना रंगों और भक्ति का प्रतीक माना जाता है
भगवान कृष्ण और महादेव की पूजा होती है
धर्म डेस्क, नई दिल्ली। सनातन धर्म में फाल्गुन का विशेष महत्व है। इस माह को भगवान श्री कृष्ण का प्रिय महीना माना जाता है। इस माह में पूरे ब्रज होली का अलग ही उत्साह देखने को मिलता है और फाल्गुन (Falgun 2026) में महाशिवरात्रि (Mahashivaratri 2026) का पर्व धूमधाम के साथ मनाया जाता है। इस दिन महादेव की विशेष पूजा-अर्चना करने का विधान है। ऐसे में आइए इस आर्टिकल में जानते हैं कि कब से शुरू होगा फाल्गुन और इस माह के नियम के बारे में।
कब से शुरू होगा फाल्गुन 2026? (Falgun 2026 Start and End Date)
वैदिक पंचांग के अनुसार, फाल्गुन की शुरुआत 02 फरवरी से होगी। वहीं, इस माह का समापन 03 मार्च को होगा। इसके अगले दिन से यानी 04 मार्च से चैत्र माह की शुरुआत होगी।
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फाल्गुन में क्या करें (What to do in the month of Falgun)
- इस माह में भगवान श्री कृष्ण और भगवान शिव की पूजा करना शुभ माना जाता है।
- धार्मिक मान्यता के अनुसार, फाल्गुन में चंद्र देव का जन्म हुआ है। इसलिए इस माह में चंद्र देव की पूजा-अर्चना करने का विशेष महत्व है।
- रोजाना महादेव की पूजा-अर्चना करें। साथ ही विशेष चीजों के द्वारा शिवलिंग का अभिषेक करें। इससे जीवन में आ रहे संकट दूर होते हैं।
- फाल्गुन में अन्न-धन समेत आदि चीजों का दान करना चाहिए। इससे धन लाभ के योग बनते हैं और जातक को जीवन में कोई कमी नहीं होती है।
- अगर आप पितरों की कृपा प्राप्त करना चाहते हैं, तो फाल्गुन में पितरों का तर्पण करें। साथ ही विशेष चीजों का दान करें। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस उपाय को करने से परिवार में सुख-समृद्धि आती है। साथ ही जातक पर पितरों की कृपा बनी रहती है।
फाल्गुन में क्या न करें (What not to do in the month of Falgun)
- होलाष्टक के दौरान विवाह, मुंडन, गृह प्रवेश, सगाई जैसे शुभ मांगलिक काम नहीं करने चाहिए।
- फाल्गुन मांस-मदिरा और शराब का सेवन न करें
- इसके अलावा बुर्जगों और महिलाओं का अपमान न करें।
- बातचीत के दौरान किसी को अपशब्द नहीं बोलना चाहिए।
- फाल्गुन के रविवार और एकादशी के दिन तुलसी के पत्ते तोड़ना वर्जित है और न ही पौध में जल दें।
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