Falgun Purnima 2026: फाल्गुन पूर्णिमा पर 50 मिनट का दुर्लभ संयोग, इस योग में करें गंगा स्नान और पूजा, हर मनोकामना होगी पूरी
सनातन धर्म में फाल्गुन पूर्णिमा का विशेष महत्व है। इस दिन गंगा स्नान, पूजा, जप-तप और दान-पुण्य करने से पापों से मुक्ति मिलती है और सुख-सौभाग्य में वृद ...और पढ़ें

Falgun Purnima 2026: फाल्गुन पूर्णिमा का महत्व

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
धर्म डेस्क, नई दिल्ली। सनातन धर्म में पूर्णिमा तिथि का खास महत्व है। इस शुभ तिथि पर बड़ी संख्या में साधक गंगा स्नान कर पुण्य के भागी बनते हैं। इसके लिए पूर्णिमा तिथि पर गंगा समेत पवित्र नदियों के तट पर गंगा स्नान हेतु विशेष आयोजन किया जाता है। इस दिन पूजा, जप-तप और दान-पुण्य करना बेहद मंगलकारी होता है।

धार्मिक मत है कि पूर्णिमा तिथि पर गंगा स्नान करने से साधक द्वारा जाने-अनजाने में किए गए पापों से मुक्ति मिलती है। वहीं, लक्ष्मी नारायण जी की पूजा करने से साधक के सुख और सौभाग्य में वृद्धि होती है।
ज्योतिष गणना अनुसार, मंगलवार 03 मार्च को फाल्गुन पूर्णिमा है। इस शुभ अवसर पर शिववास योग समेत कई मंगलकारी शुभ योग बन रहे हैं। इन योग में गंगा स्नान कर लक्ष्मी नारायण जी की पूजा करने से साधक को अक्षय फल मिलेगा। वहीं, फाल्गुन पूर्णिमा पर 50 मिनट का दुर्लभ संयोग भी है। आइए, इसके बारे में सबकुछ जानते हैं-
फाल्गुन पूर्णिमा शुभ मुहूर्त (Falgun Purnima 2026 Date and Time)
वैदिक पंचांग के अनुसार, 02 मार्च को शाम 05 बजकर 55 मिनट पर फाल्गुन माह की पूर्णिमा तिथि की शुरुआत होगी और 03 मार्च को शाम 05 बजकर 07 मिनट पर पूर्णिमा तिथि समाप्त होगी। इस प्रकार 03 मार्च को फाल्गुन पूर्णिमा मनाई जाएगी। 03 मार्च को साल का पहला चंद्र ग्रहण भी लगने वाला है। हालांकि, यह भारत में दिखाई नहीं देगा। इसके लिए सूतक भी मान्य नहीं होगा। साधक सुविधा अनुसार समय पर स्नान-ध्यान कर लक्ष्मी नारायण जी की पूजा कर सकते हैं। इसके बाद आर्थिक स्थिति अनुसार दान अवश्य करें।
फाल्गुन पूर्णिमा शुभ योग ( Falgun Purnima Shubh Yog)
ज्योतिषियों की मानें तो फाल्गुन पूर्णिमा के दिन दुर्लभ सुकर्मा योग का संयोग सुबह 10 बजकर 25 मिनट तक है। इसके साथ ही शिववास योग का भी निर्माण हो रहा है। शिववास का संयोग शाम 05 बजकर 07 मिनट से है। इन योग में लक्ष्मी नारायण जी की पूजा करने से साधक के सुख और सौभाग्य में वृद्धि होगी।
खबरें और भी
दुर्लभ मुहूर्त
फाल्गुन पूर्णिमा के दिन प्रातः काल में 50 मिनट का दुर्लभ संयोग है। यह संयोग ब्रह्म मुहूर्त का है। ब्रह्म मुहूर्त का संयोग सुबह 05 बजकर 05 मिनट से लेकर सुबह 05 बजकर 55 मिनट तक है। इस दौरान गंगा स्नान कर लक्ष्मी नारायण जी की पूजा करने से मनचाही मुराद पूरी होगी। साथ ही घर में सुख, समृद्धि और खुशहाली आएगी।
यह भी पढ़ें- Falgun Purnima 2026: इस बार फाल्गुन पूर्णिमा क्यों मानी जा रही है बेहद खास, एक नजर समय और संयोग पर
यह भी पढ़ें- Falgun Purnima 2026 Date: कब है फाल्गुन पूर्णिमा? अभी नोट करें तिथि और स्नान-दान का शुभ मुहूर्त
अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया अंधविश्वास के खिलाफ है।