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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 30, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Sankashti Chaturthi 2023: गणाधिप संकष्टी चतुर्थी पर बन रहे हैं एक नहीं तीन शुभ योग, यहां पढ़ें शुभ मुहूर्त और चंद्रोदय का समय

    By Vaishnavi DwivediEdited By: Vaishnavi Dwivedi
    Updated: Thu, 30 Nov 2023 09:23 AM (IST)

    Ganadhipa Sankashti Chaturthi 2023 संकष्टी चतुर्थी का सनातन धर्म में विशेष महत्व है क्योंकि यह गणेश जी की पूजा के लिए समर्पित है। इस दिन लोग व्रत रखत ...और पढ़ें

    गणाधिप संकष्टी चतुर्थी तिथि और शुभ मुहूर्त -
    गणाधिप संकष्टी चतुर्थी तिथि और शुभ मुहूर्त -

    HighLights

    1. संकष्टी चतुर्थी का सनातन धर्म में अपना ही महत्व है।
    2. चतुर्थी महीने में दो बार आती है।
    3. संकष्टी चतुर्थी पर भगवान गणेश की पूजा का विधान है।

    धर्म डेस्क, नई दिल्ली। Ganadhipa Sankashti Chaturthi 2023: सनातन धर्म में संकष्टी चतुर्थी का बेहद महत्व है। चतुर्थी महीने में दो बार आती है, एक शुक्ल पक्ष और एक कृष्ण पक्ष में। इस दिन भगवान गणेश की पूजा का विधान है। इस विशेष दिन पर भक्त प्रार्थना करते हैं और व्रत रखते हैं। प्रत्येक संकष्टी चतुर्थी का अपना नाम, कथा और पीठ होती है।

    ऐसे में आज गणधिप संकष्टी चतुर्थी है, जिसमें एक नहीं तीन शुभ योग बन रहे हैं। इस शुभ योग में पूजा करने से आपके सौभाग्य में वृद्धि होगी तो आइए जानते हैं-

    गणाधिप संकष्टी चतुर्थी तिथि और शुभ मुहूर्त

    • संकष्टी चतुर्थी आरंभ - 30 नवंबर, 2023 - 02:24
    • संकष्टी चतुर्थी समाप्त - 1 दिसंबर 2023 - 03:31
    • संकष्टी दिवस पर चंद्रोदय - 30 नवंबर, 2023 - शाम 07:42 बजे
    • चौघड़िया उत्तम मुहूर्त- सुबह 6: 55 से 8:14 तक
    • उन्नति मुहूर्त- दोपहर 12:10 से दोपहर 1: 28 तक
    • अमृत सर्वोत्तम मुहूर्त- दोपहर 1:28 से दोपहर 2:47 तक

    गणाधिप संकष्टी चतुर्थी का धार्मिक महत्व

    संकष्टी चतुर्थी का सनातन धर्म में अपना ही महत्व है, क्योंकि यह भगवान गणेश की पूजा के लिए समर्पित है। इस दिन लोग व्रत रखते हैं और पूरी आस्था और भक्ति के साथ भगवान गणेश की पूजा-अर्चना करते हैं। गणधिप संकष्टी चतुर्थी मार्गशीर्ष माह में कृष्ण पक्ष के दौरान आती है।

    भगवान गणेश को भक्तों के जीवन से बाधाओं को दूर करने के लिए जाना जाता है क्योंकि उन्हें विघ्न हर्ता के रूप में जाना जाता है, जो जीवन से समस्याओं को दूर करते हैं। बप्पा की पूजा के बिना कोई भी पूजा अनुष्ठान और शुभ कार्य पूर्ण नहीं होते हैं।

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    डिसक्लेमर: 'इस लेख में निहित किसी भी जानकारी/सामग्री/गणना की सटीकता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है। विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों से संग्रहित कर ये जानकारियां आप तक पहुंचाई गई हैं। हमारा उद्देश्य महज सूचना पहुंचाना है, इसके उपयोगकर्ता इसे महज सूचना समझकर ही लें। इसके अतिरिक्त, इसके किसी भी उपयोग की जिम्मेदारी स्वयं उपयोगकर्ता की ही रहेगी।'

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