गणेश चतुर्थी की रात गलती से चांद दिख जाए तो क्या करें? पढ़ें मिथ्या दोष से बचने के 3 उपाय
गणेश चतुर्थी पर गलती से चंद्रमा दिख जाए तो मिथ्या दोष लग सकता है, इससे बचने के लिए आपको कुछ ...और पढ़ें

गणेश चतुर्थी पर चंद्र दर्शन से बचें, गलती होने पर करें ये प्रभावी उपाय (Picture Credit: AI Generated)
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स्यमन्तक मणि की कथा सुनें मिथ्या दोष निवारण हेतु।
भगवान गणपति से क्षमा प्रार्थना करें चंद्र दर्शन दोष मुक्ति हेतु।
'सिंहः प्रसेनमवधीत्...' मंत्र का जाप करें दोष निवारण।
धर्म डेस्क, नई दिल्ली। आज गणेश चतुर्थी का पर्व पूरे देश में बड़े ही धूम-धाम से मनाया जा रहा है। हर तरफ बप्पा के आगमन की गूंज है और लोग अपने घरों में गणपति की स्थापना कर रहे हैं। गणेश चतुर्थी से आरंभ होने वाला गणेश उत्सव पूरे 10 दिन तक चलता है और चारों ओर 'गणपति बप्पा मौर्या' की आवाज सुनाई देती है।
गणेश चतुर्थी का पर्व हर साल भाद्रपद महीने की शुक्ल पक्ष की चतुर्थी को मनाया जाता ही और इस दिन को लेकर एक कथा है जिसके बारे में पुराणों में भी लिखा है कि इस दिन व्यक्ति को भूलकर भी चंद्रमा के दर्शन नहीं करने चाहिए। यदि कोई व्यक्ति ऐसा करता है, तो उसके ऊपर मिथ्या कलंक लगता है।
यह मान्यता इसलिए है क्योंकि गणपति के श्राप की वजह से इस दिन चंद्रमा धूमिल अवस्था में होता है और जो भी इसके दर्शन करता है उसके जीवन में मिथ्या दोष लगता है। वहीं अगर कोई गलती से चंद्रमा के दर्शन कर ले तो उसे मिथ्या दोष से बचने के लिए कुछ उपाय जरूर करने चाहिए। आइए जानें उनके बारे में।
स्मयन्तक मणि की कथा सुनें
ऐसा कहा जाता है कि द्वापर युग में श्री कृष्ण पर गणेश चतुर्थी का चांद देखने की वजह से उनके ऊपर मिथ्या दोष कलंक लग गया था और उसी वजह से स्मयन्तक मणि की कथा आज भी सुनने की सलाह दी जाती है। यह कथा श्री कृष्ण और सत्यभामा के विवाह के बारे में बताती है और इसमें मणि के तेज के बारे में बताया गया है।
स्यमन्तक मणि की यह कथा श्रीमद्भागवत महापुराण के दसवें स्कन्ध के 56वें और 57वें अध्याय में विस्तार से मिलती है। यदि किसी वजह से आज गणेश चतुर्थी के दिन चंद्र दर्शन करें, तो तुरंत इस कथा का पाठ कर लें।
भगवान गणपति से क्षमा प्रार्थना करें
यदि आप गणेश चतुर्थी की रात भूल से चंद्र दर्शन कर लेते हैं, तो आपको तुरंत ही इस दोष के निवारण के लिए गणेश जी की प्रार्थना करनी चाहिए और उनसे क्षमा याचना करनी चाहिए।
यदि आपके ऊपर चंद्र दर्शन का कोई भी मिथ्या दोष लगने वाला होगा, तो गणपति आपको उससे उबारने में मदद करेंगे और किसी भी बुरे प्रभाव से बचाएंगे।
इस मंत्र का करें जाप
गणेश चतुर्थी के चंद्र दर्शन के मिथ्या दोष से बचने के लिए सबसे सटीक उपाय 'सिंहः प्रसेनमवधीत् सिंहो जाम्बवता हतः.सुकुमारक मा रोदीस्तव ह्येष स्यमंतकः.' मंत्र का जाप करना है। यदि आप इस मंत्र का जाप कम से कम 108 बार करेंगे, तो आपको किसी भी दोष से मुक्ति मिल सकती है।
इस मंत्र का अर्थ है- सुंदर, सलोने कुमार ! इस मणि के लिए सिंह ने प्रसेन को मारा और जाम्बवान ने उस सिंह का वध किया है अतः तुम रोओ मत। अब इस स्यमंतक मणि पर तुम्हारा ही अधिकार है । यदि कोई व्यक्ति इस मंत्र का जाप कर लेता है तो सभी दोषों से मुक्ति मिल सकती है।
गणेश चतुर्थी के चंद्रमा के दर्शन पूर्ण रूप से वर्जित माने जाते हैं, लेकिन यदि कोई भूल से चंद्रमा को देख ले तो उसे तुरंत यहां बताए काम करने चाहिए। इससे मिथ्या दोष को दूर करने और कलंक से बचने में मदद मिलती है।
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अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण अंधविश्वास के खिलाफ है।
