चाहते हैं हर कष्ट से मुक्ति? पाप धोने का महा-अवसर है गंगा सप्तमी, जरूर करें ये 3 काम
गंगा सप्तमी के दिन गंगा का नाम लेने, दर्शन करने व गंगा स्नान करने से मनुष्य के अनजाने में किए हुए पाप नष्ट हो जाते हैं। ...और पढ़ें

गंगा सप्तमी के पुण्यकारी कार्य (Picture Credit: Freepik)
HighLights
23 अप्रैल को मनाई जाएगी गंगा सप्तमी
शुभ माना गया है ब्रह्म मुहूर्त में गंगा स्नान करना
इस तिथि पर दान करना होता है पुण्यकारी
धर्म डेस्क, नई दिल्ली। गंगा सप्तमी, वैशाख माह के शुक्ल पक्ष की सप्तमी पर मनाई जाती है। यह दिन मोक्ष और पापों से मुक्ति के लिए विशेष है। इस दिन पर गंगा स्नान करना बहुत ही पुण्यकारी माना जाता है। साथ ही इस दिन पर और भी कई ऐसे कार्य किए जा सकते हैं, जिससे आपको गंगा मैय की कृपा प्राप्त हो सके। चलिए जानते हैं इस बारे में।
गंगा सप्तमी शुभ मुहूर्त
वैशाख माह में के शुक्ल पक्ष की सप्तमी 22 अप्रैल को रात 10 बजकर 49 मिनट पर शुरू होगी। साथ ही इस तिथि का समापन 23 अप्रैल रात 8 बजकर 49 मिनट पर होने वाला है। उदया तिथि को ध्यान में रखते हुए गंगा सप्तमी का पर्व 23 अप्रैल को मनाया जाएगा। इस दिन पर शुभ मुहूर्त कुछ इस प्रकार रहेगा -
गंगा सप्तमी मध्याह्न मुहूर्त - सुबह 11 बजकर 1 मिनट से दोपहर 1 बजकर 38 मिनट तक
इस तरह करें गंगा स्नान
गंगा सप्तमी के दिन सूर्योदय के समय यदि संभव हो, तो ब्रह्म मुहूर्त में गंगा में स्नान करें। गंगा में 3, 5 या 7 डुबकी लगाएं और इस दौरान ''हर-हर गंगे'' का जप करें। स्नान के दौरान स्वच्छता और पवित्रता का पूरा ध्यान रखें। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सच्चे मन के किए गए गंगा स्नान से साधक को मोक्ष की प्राप्ति होती है।
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(Picture Credit- AI Generated)
जरूर करें ये काम
गंगा मैय्या की कृपा प्राप्ति के लिए गंगा सप्तमी के अवसर पर शिवलिंग का गंगाजल से अभिषेक करें। साथ ही इस दिन पर गंगा चालीसा या गंगा मंत्रों का पाठ करना भी शुभ माना जाता है। साथ ही आप इस दिन पर शाम के समय दीपदान करके भी लाभ प्राप्त कर सकते हैं।
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करें इन चीजों का दान
गंगा सप्तमी के दिन आप गंगा स्नान के बाद गरीब लोगों को अपनी क्षमता के अनुसार अन्न, धन या फिर सफेद रंग के वस्त्रों का दान कर सकते हैं। ऐसा करना बहुत पुण्यदायी माना जाता है और साधक को पापमोचनी की कृपा प्राप्त होती है। साथ ही इस दिन पर जल से जुड़ी चीजें जैसे घड़ा, या पानी की बोतल का दान करना बी विशेष फलदायी माना गया है। पितरों की शांति के लिए आप इस दिन पर गुड़ और तिल का दान भी कर सकते हैं।
न करें ये गलतियां
- इस दिन मांस-मदिरा का सेवन न करें और घर में सात्विक माहौल रखें।
- गंगा स्नान के दौरान किसी भी तरह की गंदगी न फैलाएं।
- गंगा में कूड़ा-कचरा, प्लास्टिक या विसर्जन सामग्री न डालें।
- गंगा स्नान के दौरान मन में किसी भी तरह का नकारात्मक विचार न लाएं।
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