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    मरने के बाद किस पाप की मिलती है कौन सी सजा? जानें 36 तरह के नर्कों का खौफनाक सच

    Updated: Fri, 12 Jun 2026 05:00 PM (GMT+05:30)

    गरुड़ पुराण जैसे हिंदू धर्मग्रंथों में वर्णित 36 प्रकार के नर्कों का वर्णन करता है, जिसमें विभिन्न पापों और उनके लिए निर्धारित भयानक सजाओं का उल्लेख ह ...और पढ़ें

    36 तरह के नर्क कौन-कौन से हैं? (Picture Credit- AI Generated)

    36 तरह के नर्क कौन-कौन से हैं? (Picture Credit- AI Generated)

    HighLights

    1. प्रत्येक पाप के लिए निर्धारित है अलग और कठोर दंड।

    2. गौ हत्या, भूमि हड़पने वालों को मिलती है विशेष यातना।

    धर्म डेस्क, नई दिल्ली। हिंदू धर्म ग्रंथों में स्वर्ग और नरक दोनों का उल्लेख किया गया है। पुराण में स्वर्ग उस स्थान को बताया गया है जहां देवता निवास करते हैं और अच्छे कर्म करने वाला इंसान भी मरने के बाद स्वर्ग जाता है, जबकि इसके विपरीत बुरे कर्म करने वाले लोगों को नर्क भेजा जाता है, जहां उन्हें सजा के तौर पर गर्म तेल में जलाने के साथ अंगारों पर सुलाया जाता है।

    गरुड़ पुराण में 36 तरह के नर्कों का जिक्र किया गया है। अलग-अलग कर्मों के हिसाब से बुरी आत्माओं को अलग-अलग नर्क में सजा दी जाती है। गरुड़ पुराण, अग्नि पुराण, कठोपनिषद जैसे प्रामाणिक ग्रंथों में इन नर्कों का उल्लेख है। आइए जानते हैं 36 तरह के नर्क कौन से हैं?

    महावीची
    यह नर्क जहां चारों तरफ खून ही खून है और इसमें लोहे के बड़े-बड़े कांटे हैं। जो लोग गौ हत्या जैसे पाप करते हैं, उन्हें इस नर्क में सजा दी जाती है।

    कुंभीपाक
    इस नर्क की जमीन पूरी तरह से गरम बालू और अंगारों से भरी है। जो लोग किसी की जमीन हड़पते हैं या ब्राह्मण की हत्या करते हैं, उन्हें इसी नर्क में आना पड़ता है।

    रौरव
    इस नर्क में लोहे के जलते हुए तीर होते हैं, जो लोग किसी के प्रति भी झूठी गवाही देते हैं, उन्हें इन तीरों सें बांधकर सजा दी जाती है।

    मंजूष
    यह की धरती लोहे के समान ठोस और काफी तपती है। यहां उनको सजा दी जाती है, जिसने अपने जीवनकाल में दूसरे को बिना अपराध के बंदी बनाया हो।

    अप्रतिष्ठ
    इस नर्क में हर ओर मवाद, मूल और उल्टी भरी होती है। यहां पर उन लोगों को सजा दी जाती है, जो ब्राह्मणों को पीड़ा देते या सताते हैं।

    विलेपक
    इस नर्क में लाख की आग जलती है। यह उन ब्राह्मणों को सजा दी जाती है, जो शराब का सेवन करते हैं।

    महाप्रभ
    इस नर्क में काफी बड़ा लोहे का नुकीला तीर है। जो लोग पति-पत्नी के रिश्तों में फूट डालने का काम करते हैं, वे यहां इस तीर में पिरोए जाते हैं।

    जयंती
    यहां आने वाले जीवात्माओं को लोहे की बड़ी चट्टाने के नीचे दबाकर सजा दी जाती है। जो लोग पराई स्त्रियों के साथ संभोग करते हैं, वे यहां लाए जाते हैं।

    नर्क (1)

    (Picture Credit- AI Generated)

    शाल्मलि
    एक ऐसा नर्क जहां हर ओर जलते हुए कांटे हैं। जो औरत कई पुरुषों के साथ संभोग करती है या जो हमेशा झूठ और कटु वचन बोलती है, दूसरे के पैसों पर नजर रखती है। बहु, पुत्री, बहन आदि के साथ शारीरिक संबंध बनाने वाले और वृद्ध हत्या करने वाले लोगों को यहां सजा दी जाती है।

    महारौरव
    इस नर्क में हर ओर आग ही आग होती है। जैसे किसी भट्टे में आग जलती है। जो भी लोग दूसरों के घर, खेत, खलिहान या गोदाम में आग लगाते हैं, उन्हें यहां जलाया जाता है।

    तामिस्र
    इस नर्क में जीवात्माओं को लोहे की पट्टियों और मुग्दरों से पीटा जाता है। यहां चोरों को सजा दी जाती है।

    महातामिस्र
    इस नर्क में चारों और जौंक ही जौंत होते हैं, जो इंसान का खून चूसती है। माता-पिता और दोस्त की हत्या करने वाले लोगों को इसी नर्क में सजा के लिए भेजा जाता है।

    असिपत्रवन
    यह नर्क एक जंगल की तरह होता है, जिसके पेड़ों पर पत्तों की जगह तीखी और धारदार तलवारें हैं। दोस्तों के साथ दागाबाजी करने वाले इंसान को इसी नर्क में सजा दी जाती है।

    करम्भ बालुका
    यह नर्क एक कुएं के समान होता है, जहां गर्म बालू, रेत और आंगरे होते हैं। जो भी लोग दूसरे जीवों को जलाने के काम करते हैं, उन्हें इसी नर्क में सजा दी जाती है।

    काकोल
    यह नर्क पीब और कीड़ों से भरा होता है। जो भी लोग छुप-छुप कर मिठाई खाते हैं और दूसरों के साथ साझा नहीं करते हैं, उन्हें इस नर्क में लाया जाता है।

    कुड्मल
    यह पेशाब, पीब और उल्टी से भरा नर्क होता है। जो लोग दैनिक जीवन में पंचयज्ञों का अनुष्ठान नहीं करते हैं वे इस नर्क में लाए जाते हैं।

    महाभीम
    यह नर्क बदबूदार मांस और रक्त से भरा स्थान है, जहां ऐसे लोगों को सजा के लिए लाया जाता है, जो शास्त्रों में वर्जित चीजों का सेवन करते हैं।

    महावट
    इस नर्क में मुर्दे और कीड़े भरे पड़े हैं, जो भी इंसान अपनी लड़की का सौदा करता है, वे यहां लाए जाते हैं।

    नर्क (1)

    (Picture Credit- AI Generated)

    तिलपाक

    यहां दूसरों को सजा, पीड़ा देने वाले लोगों को तिल की तरह पेरा जाता है। जैसे तिल का तेल निकाला जाता है, ठीक उसी तरह।

    तैलपाक
    इस नर्क में खौलते हुए तेल में पापी जीवात्माओं को पकाया जाता है। जो मनुष्य मित्रों या शरणागतों की हत्या में शामिल होता है उसे मरने के बाद यही सजा मिलती है।

    वज्रकपाट
    यह व्रजों (आकाशीय बिजली) के द्वारा सजा दी जाती है। जो लोग दूध बेचने के काम में मिलावट या बेईमानी करते हैं, उन्हें इसी नर्क में सजा दी जाती है।

    निरुच्छवास
    इस नर्क में गुप अंधेरा होता, जहां हवा भी नहीं होती है। जो लो दिए जा रहे दान में बाधा डालने का काम करते हैं उन्हें यही लाया जाता है।

    अंगारोपच्य
    इस नर्क में चारों तरफ अंगारे ही अंगारे हैं। जो लोग दान देने का वादा करके इसे निभाते नहीं हैं उन्हें यहां लाया जाता है।

    महापायी
    इस नर्क में चारों ओर गंदगी ही गंदगी होती है। हमेशा झूठ बोलने वाले लोग मरने के बाद यहां औंधे मुंह गिराए जाते हैं।

    महाज्वाल
    इस नर्क में चारों तरफ आग ही आग है। जो लोग हमेशा पाप कर्मों में लगे रहते हैं, वे इसमें जलाए जाते हैं।

    गुड़पाक
    गुड़पाक नर्क में चारों तरफ गर्म गुड़ के कुंड हैं। जो भी लोग समाज में वर्ण संकरता फैलाने का काम करते हैं वे इस गुड़ में पकाए जाते हैं।

    क्रकच
    इस नर्क में तीखे आरे लगे हैं। जो भी मनुष्य महिलाओं से संभोग करते हैं जिसे शास्त्रों में वर्जित किया गया है, वे लोग इन्हीं आरों से चीरें जाते हैं।

    क्षुरधार
    इस नर्क में चारों ओर तीखें उस्तरें होते हैं। यहां उन लोगों को सजा दी जाती है, जो ब्राह्माणों की जमीन हड़पते हैं।

    अम्बरीष
    इस नर्क में प्रलय अग्नि के ही तरह आग जलती है। जो लोग सोने की चोरी करते हैं,वे ही इस आग में जलाए जाते हैं।

    वज्रकुठार
    यह नर्क वज्रों से भरा है, जहां पेड़ काटने वाले लोगों को वज्रों पीटा जाता है।

    परिताप
    इस नर्क में अग्नि के द्वारा सजा दी जाती है। जो लोग दूसरे को जहर देते हैं या शहद की चोरी करते हैं वे यहां जलाए जाते हैं।

    काल सूत्र
    जो लोग दूसरों की खेती को नुकसान पहुंचाने का काम करते हैं या उनकी फसलों को बर्बाद करते हैं यहां उनको सजा दी जाती है।

    कश्मल
    इस नर्क में मुंह और नाक की गंदगी चारों और भरी पड़ी है। जो लोग मांसाहार का सेवन रखते हैं, ऐसे लोगों को कश्मल नर्क की प्राप्ति होती है।

    उग्रगंध
    यह लाप, पैशाब, मूत्र, विष्ठा और अन्य गंदगियों से भरा नर्क है। ऐसे लोग जो अपने पितरों का पिंडदान नहीं करते हैं, उन्हें यहां लाया जाता है।

    दुर्धर
    इस नर्क में जौंक और बिच्छुओं द्वारा सजा दी जाती है। सूदखोर या ब्याज का धंधा चलाने वाले लोगों को दुर्धर नर्क की प्राप्ति होती है।

    वज्रमहापीड
    यहां लोहे के भारी वज्र से मारा जाता है। जो लोग सोने की चोरी करते हैं या किसी प्राणी की हत्या कर उसका भक्षण करते हैं, दूसरे के आसन, शय्या या कपड़ों को चुराते हैं उन्हें यहां लाया जाता है।

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