बाल कटवाने और धोने के लिए कौन सा दिन है सबसे शुभ? छोटी सी गलती आपको कर सकती है बर्बाद
गरुड़ पुराण में बाल कटवाने और धोने के लिए शुभ-अशुभ दिनों का वर्णन है। इन नियमों का पालन करने से जीवन में सुख-समृद्धि आती है, जबकि उल्लंघन से नकारात्मक ...और पढ़ें
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बाल धोने और कटवाने के नियम (Picture Credit- AI Generated)

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
धर्म डेस्क, नई दिल्ली। हिंदू धर्म में गरुड़ पुराण को बेहद महत्वपूर्ण माना गया है। इस ग्रंथ में मृत्यु और उसके बाद की यात्रा के अलावा दैनिक जीवन से जुड़े कई महत्वपूर्ण नियम के बारे में बताया गया है। गरुड़ पुराण में बाल धोने और कटवाने को लेकर भी कुछ विशेष दिन और तिथियां तय की गई हैं।
ऐसा माना जाता है कि गरुड़ पुराण के इस नियम का पालन न करने से जीवन पर अशुभ प्रभाव पड़ता है और व्यक्ति को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। इसलिए कहा जाता है कि जीवन को खुशहाल बनाने के लिए गरुड़ पुराण में वर्णित नियम के बारे में जरूर जान लें। ऐसे में आइए इस आर्टिकल में आपको बताते हैं कि किस दिन बाल कटवाने और धोने चाहिए।
बाल कटवाने के नियम
- गरुड़ पुराण के अनुसार, बाल कटवाने के लिए बुधवार और शुक्रवार का दिन शुभ माना जाता है। इस दिन बाल कटवाने से व्यक्ति को जीवन में भाग्य का साथ मिलता है और घर में खूब बरकत आती है।
- मंगलवार के दिन भूलकर भी बाल नहीं कटवाने चाहिए। इस तरह की गलती को करने से नकारात्मक ऊर्जा में वृद्धि होती है और जीवन में अशुभ परिणाम देखने को मिल सकते हैं। इसके अलावा गुरुवार के दिन बाल कटवाने से व्यक्ति को आर्थिक संकट का सामना करना पड़ सकता है।
- शनिवार के दिन बाल कटवाने से जीवन में बाधाएं आती हैं। इसलिए बाल कटवाने से पहले गरुड़ पुराण के नियम के बारे में जरूर जान लें।
गरुड़ पुराण में महिलाओं के बाल धोने के नियम के बारे में बताया गया है। नियम का पालन करने से जीवन में सुख-शांति बनी रहती है।
किस दिन नहीं धोने चाहिए बाल?
- महिलाओं को मंगलवार, गुरुवार और शनिवार के दिन भूलकर भी बाल नहीं धोने चाहिए। ऐसा माना जाता है कि वर्जित दिन में बाल धोने से परिवार की उन्नति में बाधा उत्पन्न होती है।
- गरुड़ पुराण में बताया गया है कि शुक्रवार का दिन महिलाओं के लिए बाल धोने के लिए उत्तम माना जाता है। इससे धन की देवी मां लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं। इसके अलावा बुधवार को भी बाल धोए जा सकते हैं।
किन तिथियों पर बाल नहीं धोने चाहिए
- आपकी जानकारी के लिए बता दें कि अमावस्या, पूर्णिमा और एकादशी बाल कटवाने और धोने से बचना चाहिए।
- बाल कटवाने का वर्णन गरुड़ पुराण के प्रेत कल्प के अध्याय 10 और 11 में है। महिलाओं के बाल धोने की असुभ दिन का वर्णन गरुड़ पुराण में आचार कांड में देखने को मिलते है।
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