'मनी मैग्नेट' की तरह काम करता है गोमती चक्र, यह सुरक्षा कवच हर संकट को रखेगा कोसों दूर
यदि आप आर्थिक तंगी, मानसिक तनाव या करियर में रुकावटों से परेशान हैं, तो गोमती चक्र के फायदे और इसे रखने के सही नियम आपके लिए एक वरदान साबित हो सकता है ...और पढ़ें

गोमती चक्र के फायदे (Picture Credit- AI Generated)
HighLights
धन और सुख-समृद्धि लाता है गोमती चक्र
नकारात्मकता को दूर करने का करता है काम
करियर की बाधाएं दूर करने में सहायक
धर्म डेस्क, नई दिल्ली। ज्योतिष और वास्तु शास्त्र में गोमती चक्र का विशेष महत्व बताया गया है। यह एक दुर्लभ प्राकृतिक समुद्री खोल (शेल) है, जो गोमती नदी में पाया जाता है। सनातन धर्म में इसे धन की देवी मां लक्ष्मी से जोड़कर देखा जाता है। ज्योतिष और वास्तु में इसे धन, सुख-समृद्धि और नकारात्मक ऊर्जा से बचाव के लिए अत्यंत चमत्कारी और अचूक उपाय माना गया है।
गोमती चक्र के प्रमुख फायदे
- गोमती चक्र को साक्षात लक्ष्मी का रूप माना गया है। ऐसे में अगर आप इसे घर की तिजोरी या व्यापारिक स्थल के कैश बॉक्स में रखते हैं, तो इससे बरकत बनी रहती है और आय के नए स्रोत खुलते हैं।
- गोमती चक्र घर या कार्यस्थल पर मौजूद किसी भी प्रकार की बुरी नजर या नकारात्मक ऊर्जा को सोख लेता है। यह आपके और आपके परिवार के लिए एक सुरक्षा कवच की तरह काम करता है।
- अगर आप वास्तु दोष का सामना कर रहे हैं और इसके कारण आपके घर में अशांति रहती है, तो घर के मुख्य द्वार पर गोमती चक्र टांगने या नए भवन के निर्माण के समय उसकी नींव में इसे दबाने से वास्तु दोष से राहत पाई जा सकती है।
- इसे अपने पास रखने या धारण करने से मानसिक शांति का अनुभव होता है। विद्यार्थियों या कामकाजी लोगों के लिए यह एकाग्रता बढ़ाने का अच्छा उपाय है।
- कार्यक्षेत्र में लंबे समय से आ रही रुकावटों को दूर करने के लिए इसके उपाय बेहद कारगर साबित होते हैं।
गोमती चक्र के जरूरी नियम
- जब भी आप किसी उपाय, पोटली या पूजा में गोमती चक्र का इस्तेमाल करें, तो उनकी संख्या हमेशा विषम (Odd Numbers) होनी चाहिए। जैसे - 1, 3, 5, 7, 11 या 21 की संख्या में ही इन्हें रखें।
- अगर आप इसे अपने घर, दुकान या ऑफिस में स्थापित कर रहे हैं, तो वास्तु शास्त्र में इसके लिए सबसे उत्तम उत्तर-पूर्व दिशा (ईशान कोण) को माना गया है। इस दिशा में रखने से इसकी सकारात्मक ऊर्जा सभी जगह फैलती है।
- बिना स्नान किए, गंदे या अशुद्ध हाथों से मंदिर या तिजोरी में रखे गोमती चक्र को छूने की गलती न करें। इसे हमेशा साफ हाथों से ही छुएं। अन्यथा इसके शुभ प्रभाव समाप्त हो सकते हैं।
करें करें से स्थापित
गोमती चक्र एक अत्यंत पवित्र और जाग्रत वस्तु है। बाजार से लाने के बाद सीधे गोमती चक्र का उपयोग करने की गलती न करें। सबसे पहले इसे गंगाजल या कच्चे दूध से अच्छी तरह धोकर शुद्ध कर लें। इसके बाद कुमकुम और अक्षत (चावल) लगाकर बप्पा और मां लक्ष्मी का ध्यान करें और "ॐ श्रीं नमः" मंत्र का जप करके इसे जाग्रत करें और इसके बाद ही घर के मंदिर या तिजोरी में इसे स्थापित करें।

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करें ये विशेष उपाय
बरकत बनाए रखने के लिए 11 सिद्ध गोमती चक्रों को एक लाल रंग के साफ और पवित्र कपड़े में बांधें और अपनी तिजोरी या पर्स में स्थापित कर दें। इस उपाय को करने से धन लाभ के योग बनने लगते हैं।
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