यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 18, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Griha Pravesh Niyam: गृह प्रवेश के दौरान ध्यान रखें ये बातें, आपके साथ-साथ सुख-समृद्धि का भी होगा प्रवेश
Griha pravesh Rules अपना घर खरीदना हर किसी का सपना होता है। ऐसे में यदि आप नए घर में गृह प्रवेश की तैयारी कर रहे हैं तो आपको इसके कुछ नियमों का ध्यान ...और पढ़ें

धर्म डेस्क, नई दिल्ली। Griha pravesh Niyam: सनातन धर्म में कोई भी शुभ या मांगलिक कार्य शुभ मुहूर्त देखकर ही किया जाता है, ताकि आपको उस कार्य से शुभ फलों की प्राप्ति हो सके। ऐसे में गृह प्रवेश के लिए भी शुभ मुहूर्त देखा जाता है। लेकिन इसके साथ ही कुछ अन्य नियमों का भी ध्यान रखना जरूरी है, ताकि नए घर में खुशहाली बनी रहे।
इन बातों का रखें ध्यान
हिंदू धर्म में माना गया है कि गृह प्रवेश हमेशा शुभ मुहूर्त में ही करना चाहिए। इसके साथ ही आषाढ़, श्रावण, भाद्रपद, अश्विन और पौष माह को गृह प्रवेश के लिए अच्छा नहीं माना जाता। वहीं, माघ, फाल्गुन, वैशाख, ज्येष्ठ माह गृह प्रवेश के लिए उत्तम माने गए हैं।
सबसे पहले करें ये काम
नए घर में प्रवेश करते समय अपने दाहिने पैर को आगे रखें। इसके साथ ही नए घर में सबसे पहले मंदिर की स्थापना करनी चाहिए। ऐसा करना बहुत-ही शुभ माना जाता है और व्यक्ति के जीवन में सुख-समृद्धि बनी रहती है।
न लेकर जाएं ये चीजें
नए घर में कभी भी टूटा हुआ फर्नीचर नहीं रखना चाहिए। इसके साथ ही अपने पुराने घर की बुरी यादों को छोड़कर ही नए घर में प्रवेश करना चाहिए। क्योंकि ऐसा करने से नकारात्मकता भी घर में प्रवेश कर सकती है।
खबरें और भी
बनी रहेगी सुख-समृद्धि
नए घर में मंगल गीतों के साथ प्रवेश करना चाहिए। इसके साथ ही अगर आप अपने घर में आम के पत्तों और नींबू से बनी डोरी लगाते हैं तो इससे नकारात्मक ऊर्जा आपके घर-परिवार से कोसों दूर बनी रहती है।
इस तरह तैयार करें मंगल कलश
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, हमेशा मंगल कलश के साथ नए घर में प्रवेश करना चाहिए। इसके लिए एक कलश में शुद्ध जल भरकर उसमें आम या अशोक के आठ पत्ते रखें और उनके बीच एक नारियल रख दें।
WhatsApp पर हमसे जुड़ें. इस लिंक पर क्लिक करें
डिसक्लेमर: 'इस लेख में निहित किसी भी जानकारी/सामग्री/गणना की सटीकता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है। विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों से संग्रहित कर ये जानकारियां आप तक पहुंचाई गई हैं। हमारा उद्देश्य महज सूचना पहुंचाना है, इसके उपयोगकर्ता इसे महज सूचना समझकर ही लें। इसके अतिरिक्त, इसके किसी भी उपयोग की जिम्मेदारी स्वयं उपयोगकर्ता की ही रहेगी।'