यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 08, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Gudi Padwa 2025 Date: कब है गुड़ी पड़वा? नोट करें शुभ मुहूर्त एवं योग
ज्योतिषियों की मानें तो चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि (Chaitra Navratri 2025) के दिन जगत जननी मां दुर्गा की पूजा करने से साधक की हर मनोकामन ...और पढ़ें

HighLights
- गुड़ी पड़वा हर साल चैत्र महीने में मनाया जाता है।
- इस दिन जगत की देवी मां दुर्गा की पूजा की जाती है।
- चैत्र महीने में नवमी तिथि पर रामनवमी मनाई जाती है।
धर्म डेस्क, नई दिल्ली। Gudi Padwa 2025: हर साल चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा को गुड़ी पड़वा मनाया जाता है। इस तिथि से हिन्दू नववर्ष प्रारंभ होता है। यह पर्व देश के कई राज्यों में धूमधाम से मनाया जाता है। गुड़ी पड़वा का पर्व महाराष्ट्र में धूमधाम से मनाया जाता है। इस दिन से चैत्र नवरात्र की शुरुआत होती है। चैत्र नवरात्र के दौरान जगत जननी मां दुर्गा के नौ रूपों की पूजा की जाती है। साथ ही उनके निमित्त व्रत रखा जाता है।
.jpg)
सनातन शास्त्रों में निहित है कि गुड़ी पड़वा के दिन ब्रह्म देव ने सृष्टि की रचना की थी। इस शुभ अवसर पर सृष्टि के रचयिता ब्रह्म देव की पूजा की जाती है। मराठी समुदाय के लोग अपने घरों पर गुड़ी यानी झंडा लगाते हैं। साथ ही मुख्य द्वार पर तोरण लगाते हैं। आइए, गुड़ी पड़वा का शुभ मुहूर्त एवं तिथि जानते हैं।
यह भी पढ़ें: मेष से लेकर मीन तक वार्षिक राशिफल 2025
शुभ मुहूर्त
ज्योतिषियों की मानें तो चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि 29 मार्च को संध्याकाल 04 बजकर 27 मिनट पर शुरू होगी और 30 मार्च को दोपहर 12 बजकर 49 मिनट पर समाप्त होगी। सनातन धर्म में उदया तिथि मान है। अतः 30 मार्च को गुड़ी पड़वा मनाया जाएगा।
इंद्र योग
गुड़ी पड़वा के दिन इंद्र योग का निर्माण हो रहा है। इस योग का संयोग शाम 05 बजकर 54 मिनट तक है। इस योग में शुभ कार्य करने से सिद्धि मिलती है। साथ ही ब्रह्म देव का आशीर्वाद प्राप्त होता है। इस शुभ अवसर पर सर्वार्थ सिद्धि योग का भी संयोग बन रहा है। सर्वार्थ सिद्धि योग शाम 04 बजकर 35 मिनट से लेकर 31 मार्च को सुबह 06 बजकर 12 मिनट तक है। ज्योतिष सर्वार्थ सिद्धि योग को शुभ कार्यों के लिए श्रेष्ठ मानते हैं। वहीं, गुड़ी पड़वा के दिन पंचक का समय सुबह 06 बजकर 13 मिनट से लेकर शाम 04 बजकर 35 मिनट तक है। इसके अलावा, गुड़ी पड़वा के दिन बव, बालव और कौलव करण के योग हैं।
खबरें और भी
पंचांग
सूर्योदय - सुबह 06 बजकर 13 मिनट पर
सूर्यास्त - शाम 06 बजकर 38 मिनट पर
चंद्रोदय- सुबह 06 बजकर 34 मिनट पर
चंद्रास्त- शाम 07 बजकर 50मिनट पर
शुभ समय (Shubh Timing)
ब्रह्म मुहूर्त - सुबह 04 बजकर 41 मिनट से 05 बजकर 27 मिनट तक
विजय मुहूर्त - दोपहर 02 बजकर 30 मिनट से 03 बजकर 19 मिनट तक
गोधूलि मुहूर्त - शाम 06 बजकर 37 मिनट से 07 बजे तक
अभिजीत मुहूर्त - दोपहर 12 बजकर 01 मिनट से 12 बजकर 50 मिनट तक
निशिता मुहूर्त- रात 12 बजकर 02 मिनट से 12 बजकर 48 मिनट तक
यह भी पढ़ें: इन राशियों की बदलेगी फूटी किस्मत, धन से भर जाएगी तिजोरी
डिसक्लेमर:'इस लेख में निहित किसी भी जानकारी/सामग्री/गणना की सटीकता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है। विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों से संग्रहित कर ये जानकारियां आप तक पहुंचाई गई हैं। हमारा उद्देश्य महज सूचना पहुंचाना है, इसके उपयोगकर्ता इसे महज सूचना समझकर ही लें। इसके अतिरिक्त, इसके किसी भी उपयोग की जिम्मेदारी स्वयं उपयोगकर्ता की ही रहेगी।'