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    गुप्त नवरात्रि दूसरी नवरात्रियों से कितनी अलग है? भीतर की शक्ति जगाने के 9 दिन बड़े खास

    Updated: Sat, 11 Jul 2026 05:00 PM (IST)

    गुप्त नवरात्रि को व्यक्तिगत प्रार्थना, साधना और आत्मचिंतन के लिए विशेष माना जाता है, जो सार्वजनिक उत्सवों से अलग है। ...और पढ़ें

    गुप्त नवरात्रि आम नवरात्रि से क्यों अलग है? (AI Image)

    गुप्त नवरात्रि आम नवरात्रि से क्यों अलग है? (AI Image)

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    धर्म डेस्क, नई दिल्ली। चैत्र नवरात्रि या शरद नवरात्रि से उलट, गुप्त नवरात्रि को शांतिपूर्वक तरीके से मनाया जाता है। इसमें कोई बड़ा सार्वजनिक उत्सव, जुलूस या सामुदायिक कार्यक्रम देखने को नहीं मिलता है। इसके बजाय गुप्त नवरात्रि के नौ दिन व्यक्तिगत प्रार्थना, साधना, ध्यान और आत्मचिंतन के लिए सबसे खास माना जाता है।

    गुप्त नवरात्रि आत्मनिरीक्षण करने का एक सही मौका प्रदान करती है। जहां एक ओर अन्य पर्व में भक्ति का प्रदर्शन खुले तौर पर किया जाता है, वहीं गुप्त नवरात्रि भक्तों का आध्यात्मिक विकास सिर्फ मौन रहकर भी हो सकता है। ध्यान, मंत्रोच्चार और सक्रिय जीवनशैली के जरिए से भक्तों को हर व्यक्ति के अंदर दिव्य ऊर्जा या शक्ति से जुड़ने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है।

    गुप्त नवरात्रि अन्य नवरात्रि से अलग क्यों हैं?

    आध्यात्मिक परंपराओं के अनुसार, गुप्त नवरात्रि दिव्य स्त्रीत्व के सूक्ष्म और सबसे शक्तिशाली रूपों की पूजा के लिए समर्पित है। इस दौरान सिर्फ सफलता, धन या सौभाग्य के लिए प्रार्थना करने की जगह लोगों को आंतरिक ज्ञान, शक्ति और आध्यात्मिक विकास हासिल करने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है।

    गुप्त नवरात्रि का संपूर्ण लाभ उठाने के लिए आपको विस्तृत अनुष्ठानों की जरूरत नहीं है। इस दौरान सरल दैनिक अभ्यास आपकी आध्यात्मिक यात्रा को गहरा करने में मदद कर सकते हैं। इस दौरान आप-

    • रोजाना कुछ खास मिनट ध्यान में गुजारे।
    • ऐसा मंत्र जपें जिससे आपको मानसिक शांति मिले।
    • पवित्र ग्रंथ या आध्यात्मिक पुस्तक पढ़नी चाहिए।

    गुप्त नवरात्रि में मौन की शक्ति

    गुप्त नवरात्रि के दौरान मौन एक आध्यात्मिक अभ्यास बन सकता है। रोजाना कुछ मिनट ध्यान में बिताने या किसी पवित्र मंत्र का जाप करने से भी मन को शांति प्राप्त होती है।

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    जब मन शांत हो जाता है, तो अंतरात्मा की आवाज सुनना आसान लगता है। यह शांतिपूर्ण अवस्था एकाग्रता बढ़ाने में मदद कर सकती है। मानसिक तनाव कम करने के साथ आत्म जागरूकता के लिए यह सुनहरा मौका है।

    पुरानी आदतों को छोड़े

    गुप्त नवरात्रि को आमतौर पर भावनात्मक उपचार का समय माना जाता है। आध्यात्मिक साधक इस दौरान डर, नकारात्मक विचारों और उन आदतों को छोड़ सकते हैं, जो अब उनके लिए जरूरी नहीं है। वह अपने आसपास की दुनिया को बदलने की बजाय खुद को बदलने पर ध्यान केंद्रित कर सकते हैं। कई लोगों का मानना है कि, यह आंतरिक कार्य स्थायी बदलाव की ओर ले जा सकता है।

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    अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया अंधविश्वास के खिलाफ है।