यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 05, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Hariyali Teej 2024: हरियाली तीज पर सुहागिन महिलाएं क्यों करती हैं सोलह श्रृंगार? माता पार्वती होती हैं प्रसन्न
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सावन माह के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि पर माता पार्वती की तपस्या से प्रसन्न होकर शिव जी ने उन्हें (माता पार्वती) पत्नी के र ...और पढ़ें

HighLights
- सावन में हरियाली तीज मनाई जाती है।
- इस दिन सुहागिन महिलाएं व्रत करती हैं।
- सोलह श्रृंगार करने का विशेष महत्त्व है।
धर्म डेस्क, नई दिल्ली। Hariyali Teej 2024: सनातन धर्म के सभी त्योहारों में से हरियाली तीज को अधिक महत्वपूर्ण माना जाता है। सावन माह के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को हरियाली तीज का पर्व मनाया जाता है। पंचांग के अनुसार, इस बार यह व्रत 07 अगस्त (Kab Hai Hariyali Teej 2024) को किया जाएगा। त्योहार भगवान शिव और माता पार्वती को समर्पित है। हरियाली तीज के दिन सुहागिन महिलाएं सोलह श्रृंगार कर विधिपूर्वक पूजा-अर्चना करती हैं और व्रत का संकल्प लेती हैं। क्या आपको पता है कि इस दिन सुहागिन महिलाएं सोलह श्रृंगार क्यों करती हैं? अगर नहीं पता, तो आइए जानते हैं इसके बारे में।

इसलिए किया जाता है श्रृंगार
हरियाली तीज के खास अवसर पर सुहागिन महिलाएं सुबह स्नान कर साफ वस्त्र धारण करती हैं और सूर्य देव को जल अर्पित करती हैं और सोलह श्रृंगार करती हैं। इसके बाद व्रत का संकल्प लेती हैं और देवों के देव महादेव की पूजा-अर्चना करती हैं। हरियाली तीज के दिन श्रृंगार करने का विशेष महत्व है।
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धार्मिक मान्यता है कि ऐसा करने से मां पार्वती प्रसन्न होती हैं। साथ ही माता पार्वती साधक पर अपनी कृपा प्रदान करती हैं। इसी वजह से हरियाली तीज पर सुहागिन महिलाएं सोलह श्रृंगार करती हैं, जिससे अखंड सौभाग्य का आशीर्वाद प्राप्त होता है। अगर आप इस दिन किसी कारण से श्रृंगार नहीं कर पा रही हैं, तो नए वस्त्र अवश्य धारण करें और मेहंदी, चूड़ी, बिंदी और सिंदूर से श्रृंगार करें।
कब है हरियाली तीज 2024
पंचांग के अनुसार, सावन माह के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि की शुरुआत 06 अगस्त को रात 07 बजकर 52 मिनट पर होगी। वहीं, इसका समापन अगले दिन यानी 07 अगस्त को रात 10 बजकर 05 मिनट पर होगा। सनातन धर्म में उदया तिथि मान है। अतः 07 अगस्त को हरियाली तीज मनाई जाएगी।
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हरियाली तीज का व्रत सुहागिन महिलाओं के अलावा कुंवारी लड़कियां भी करती हैं। मान्यता है कि ऐसा करने से मनचाहे वर की प्राप्ति होती है। इसके लिए पूजा के दौरान कुवारी कन्याओं निम्न मंत्र का जप करना चाहिए।
कुवारी कन्याओं के लिए मंत्र
हे गौरी शंकरार्धांगी। यथा त्वं शंकर प्रिया। तथा मां कुरु कल्याणी, कान्त कान्तां सुदुर्लभाम्।।
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