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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 15, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Hariyali Teej 2025: हरियाली तीज के लिए नोट कीजिए जरूरी सामान की लिस्ट, पढ़िए कैसे करनी है पूजा

Published: Tue, 15 Jul 2025 10:00 PM (IST)

हरियाली तीज ( Hariyali Teej 2025) का व्रत श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को मनाया जाता है। ...और पढ़ें

माता पार्वती ने भोलेनाथ को पति के रूप में पाने के लिए इस दिन व्रत किया था।
माता पार्वती ने भोलेनाथ को पति के रूप में पाने के लिए इस दिन व्रत किया था।

HighLights

  1. यह दिन शिव और पार्वती के मिलन का प्रतीक है।
  2. महिलाएं अखंड सुहाग की कामना से व्रत करती हैं।
  3. माता पार्वती को सुहाग की चीजें चढ़ाई जाती हैं।

धर्म डेस्क, नई दिल्ली। हरियाली तीज पर शिव-पार्वती की आराधना करने से वैवाहिक जीवन में सुख बना रहता है। श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को यह त्योहार मनाया जाता है। इस साल हरियाली तीज का व्रत 26 जुलाई (Hariyali Teej Date) को रखा जाएगा।

यह व्रत भगवान शिव और माता पार्वती के मिलन का प्रतीक है। अखंड सौभाग्य की प्राप्ति के साथ ही सुख और सौभाग्य की कामना से महिलाएं यह व्रत करती हैं। इस दिन विधिवत पूजन सामग्री के साथ माता पार्वती को सुहाग की चीजें अर्पित की जाती हैं, ताकि उनका आशीर्वाद बना रहे। 

मान्यता है कि माता पार्वती ने भोलेनाथ को पति के रूप में पाने के लिए इस दिन व्रत किया था। इसी वजह से कुंवारी कन्याएं सोलह श्रृंगार करके शिव-पार्वती की पूजा करती हैं और व्रत रखती हैं, ताकि उन्हें मनचाहा वर मिले।

वहीं, विवाहित महिलाएं अखंड सुहाग के लिए यह व्रत करती हैं। आइए जानते हैं कि इस दिन पूजा के लिए क्या चीजें होनी चाहिए। कैसे करनी चाहिए शिव-पार्वती की पूजा... 

मिट्टी की शिव-पार्वती 

हरियाली तीज के दिन शिव-पार्वती की मिट्टी की मूर्ति लाएं। पूर्व दिशा में एक चौकी के ऊपर उन्हें स्थापित करके गंगाजल से शुद्ध करें। जल से भरा एक कलश सामने रखकर दीपक जलाएं। इसके बाद बेलपत्र, दूर्वा और चावल चढ़ाएं।  

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सोलह श्रृंगार की सामग्री 

वैवाहिक जीवन में मधुरता और अखंड सुहाग की कामना करते हुए पूजा में चूड़ी, बिंदी, सिंदूर, मेहंदी सहित सोलह श्रृंगार की वस्तुएं माता पार्वती को चढ़ाएं। इसके बाद नारियल, फल, मिठाई और पंचामृत का भोग लगाएं। 

पूजा की थाली

पूजा थाली की को सजाकर गाय के घी या तिल के तेल का का दीपक जलाएं। हरियाली तीज की कथा पढ़ें। इसके बाद शिव चालीसा, शिव पंचाक्षरी मंत्र, महामृत्युजंय मंत्र आदि का पाठ या जाप करें। तीज की रात महिलाएं भजन-कीर्तन कर जागरण करें।

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अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया अंधविश्वास के खिलाफ है।

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