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    हरतालिका तीज 2026: किन 4 महिलाओं को नहीं रखना चाहिए यह निर्जला व्रत? जानें क्या कहते हैं शास्त्र

    Updated: Fri, 07 Aug 2026 08:30 PM (GMT+05:30)

    हरतालिका तीज व्रत जिसमें सुहागिनें पति की लंबी आयु और कुंवारी कन्याएं मनचाहे वर के लिए व्रत रखती हैं। इसमें शास्त्रों के अनुसार उन चार प्रकार की महिला ...और पढ़ें

    शास्त्रों के अनुसार किन महिलाओं को हरतालिका तीज पर निर्जला व्रत रखने से बचना चाहिए? (Picture Credits- AI Image)

    शास्त्रों के अनुसार किन महिलाओं को हरतालिका तीज पर निर्जला व्रत रखने से बचना चाहिए? (Picture Credits- AI Image)

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    धर्म डेस्क, नई दिल्ली। हिंदू धर्म में महिलाओं के बीच हरतालिका तीज का काफी महत्व है। इस खास दिन सुहागिन महिलाएं पति की लंबी आयु, सुखी दांपत्य जीवन और अखंड सौभाग्य के लिए इस व्रत को रखती हैं। वहीं जो लड़कियां अविवाहित हैं, वह भी मनचाहे वर की कामना के लिए इस व्रत को रखती हैं। इस साल हरतालिका तीज का व्रत 14 सितंबर 2026, सोमवार के दिन रखा जाएगा।

    इस व्रत को लेकर मान्यताएं हैं कि, माता पार्वती ने शिव जी को पाने के लिए कठिन तप किया था और इस दिन भगवान शिव उन्हें पति के रूप में प्राप्त हुए थे। तभी से सुहागिन महिलाएं इस व्रत को करती हैं। लेकिन कुछ खास परिस्थितियों में इन 4 महिलाओं को यह व्रत करने से बचना चाहिए। इन महिलाओं को शास्त्रों में यह व्रत न करने की छूट मिली है। आइए जानते हैं किन परिस्थितियों में नहीं करना चाहिए हरतालिका तीज का व्रत?

    शास्त्रीय नजरिए से किसे मिलनी चाहिए छूट?

    हरतालिका तीज व्रत पति की लंबी उम्र, वैवाहिक जीवन में सुख और कुंवारी कन्याओं को योग्य पति की प्राप्ति के लिए रखा जाता है। लेकिन ज्योतिषीय और शास्त्रीय नजरिए से शारीरिक दुर्बलता, गर्भावस्था या कई कारणों से कुछ महिलाओं को इसे करने से बचना चाहिए। ऐसी स्थिति में महिलाओं को सामान्य तौर पर पूजा-पाठ करने की सलाह दी जाती है।

    गर्भवती महिलाएं

    हरतालिका तीज का व्रत गर्भवती महिलाओं को करने की सलाह नहीं दी जाती है, क्योंकि यह व्रत निर्जला रहकर रखा जाता है। अगर गर्भवती महिलाएं इस व्रत में निर्जल रहती हैं, तो इसका प्रभाव बच्चे पर पड़ सकता है। इसलिए गर्भवती महिलाओं को तीज के दौरान उपवास करने की मनाही होती है।

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    रोगग्रस्त महिलाएं

    हिंदू शास्त्रों में अस्वस्थ्य या रोगग्रस्त महिलाओं को हरतालिका तीज का निर्जला व्रत न करने की सलाह दी जाती है। इस दौरान आप भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा कर सकती हैं, लेकिन व्रत करने की कोई जरूरत नहीं है। रोगग्रस्त और अस्वस्थ्य महिलाओं के लिए हरतालिका तीज के दौरान व्रत रखना नुकसानदेह साबित हो सकता है।

    अधिक बूढ़ी महिलाएं

    ज्योतिष शास्त्र में बूढ़ी महिलाओं को निर्जला उपवास न करने की सलाह दी जाती है। इस व्रत को करने के लिए शरीर का स्वस्थय होना बेहद जरूरी है। जिन भी महिलाओं का शरीर इस व्रत को रखने की क्षमता नहीं रखता है उन्हें व्रत नहीं रखना चाहिए। इस दिन आप श्रद्धा के साथ पूजा-पाठ कर सकती हैं।

    कुंवारी कन्याएं

    ज्योतिष शास्त्र में कुंवारी कन्याओं को इस हरतालिक तीज व्रत रखने की सलाह नहीं दी जाती है। भले ही वह इस दिन पूजा-पाठ कर सकती हैं, लेकिन अविवाहित महिलाओं के लिए तीज व्रत का विधान नहीं है।

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    अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण अंधविश्वास के खिलाफ है।