यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 03, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Hindu New Year 2025: कब से शुरू होगा हिंदू नववर्ष, कौन होगा राजा और मंत्री?
हर साल चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से हिंदू नववर्ष (Hindu New Year 2025) की शुरुआत होती है। इस तिथि पर ब्रह्मा जी ने सृष्टि की रचना की थी ...और पढ़ें

HighLights
- चैत्र माह में हिंदू नववर्ष की शुरुआत होती है।
- इस माह में चैत्र नवरात्र मनाए जाते हैं।
- प्रतिपदा तिथि पर ब्रह्मा जी ने सृष्टि का निर्माण किया था।
धर्म डेस्क, नई दिल्ली। Hindu Nav Varsh 2025: हिंदू नववर्ष के अवसर पर मानव के अलावा प्रकृति भी नववर्ष का स्वागत कर रही होती है। इस दौरान ॠतुराज वसंत प्रकृति को अपने गोद में ले चुके होते हैं। हिंदू धर्म से जुड़े लोग हिंदू नववर्ष (Hindu New Year 2025) को बेहद उत्साह के साथ मनाते हैं। हिंदू नववर्ष का पहला पर्व चैत्र नवरात्र और गुड़ी पड़वा होता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस दिन ब्रह्मा जी ने सृष्टि की रचना की थी और इसी दिन मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम और धर्मराज युधिष्ठिर का राज्याभिषेक भी हुआ था। आइए जानते हैं हिंदू नववर्ष से जुड़ी महत्वपूर्ण बातों के बारे में।
हिंदू नववर्ष 2025 कब है (Hindu Navvarsh 2025 Date)
पंचांग के अनुसार, चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि 30 मार्च को है। इसी दिन से हिंदू नववर्ष की शुरुआत होगी। हिंदू नववर्ष के आरंभ के दौरान सूर्य देव और चंद्र देव दोनों मीन राशि में विराजमान रहेंगे।
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कौन सा ग्रह होगा राजा?
हिंदू नववर्ष 2025 के राजा राजा सूर्य हैं। ऐसा माना जाता है कि जिस दिन से हिंदू नववर्ष शुरू होता है, तो उस दिन के स्वामी को राजा माना जाता है और हिंदू नववर्ष 2025 के मंत्री भी सूर्य हैं। इस बार हिंदू नववर्ष विक्रम संवत 2082 होगा।
हिंदू नववर्ष का धार्मिक महत्व
हिंदू नववर्ष (Hindu New Year 2025 Significance) के साथ विक्रम संवत का नया साल शुरू होता है और इस तिथि को युगादि तिथि भी कहा जाता है। ऐसा माना जाता है कि इस दिन से सतयुग और देवी शक्ति की पूजा की शुरुआत हुई थी। हर साल हिंदू नववर्ष में कई महत्वपूर्ण व्रत और पर्व मनाए जाते हैं, जिनका विशेष महत्व है।
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हिंदू नववर्ष के दिन क्या करें
- सुबह जल्दी उठें और स्नान करने के बाद सूर्य देव को जल अर्पित करें।
- इसके बाद मंदिर की सफाई कर दीपक जलाकर पूजा करें।
- देवी-देवताओं की आरती करें।
- जीवन में सुख-शांति की प्राप्ति के लिए कामना करें।
- श्रद्धा अनुसार गरीब लोगों में अन्न और धन समेत आदि चीजों का दान करें। मान्यता है कि दान करने से इंसान को जीवन में किसी भी चीज की कमी का सामना नहीं करना पड़ता है।
इस दिन शुरू होंगे चैत्र नवरात्र
पंचांग के अनुसार, चैत्र महीने की शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि की शुरुआत 29 मार्च को शाम 04 बजकर 27 मिनट पर पर होगी और तिथि का समापन 30 मार्च को दोपहर 12 बजकर 49 मिनट पर होगा। ऐसे में चैत्र नवरात्र की शुरुआत 30 मार्च से होगी और समापन 07 अप्रैल को होगा।
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