सृष्टि रचना के दिन से शुरू होगा हिंदू नववर्ष; जानें क्यों खास है इस बार का 13 महीनों वाला साल
19 मार्च 2026 से विक्रम संवत् 2083 का भव्य शुभारंभ हो रहा है, जो सृष्टि रचना का दिन भी है। इस बार का हिंदू नववर्ष 'रौद्र संवत्सर' के प्रभाव में रहेगा, ...और पढ़ें

फाइल फोटो।
HighLights
19 मार्च 2026 से विक्रम संवत् 2083 का शुभारंभ।
'रौद्र संवत्सर' के साथ 13 महीनों का दुर्लभ संयोग।
गुरु राजा, मंगल मंत्री; बड़े बदलावों के संकेत।
'रौद्र संवत्सर': 60 वर्षों बाद पुनरावृत्ति
ग्रहों का मंत्रिमंडल: गुरु होंगे 'राजा' और मंगल 'मंत्री'
संवत् 2083 के ग्रहों के मंत्रिमंडल में इस बार देवगुरु बृहस्पति (गुरु) राजा के सिंहासन पर विराजमान होंगे, जबकि मंगल को मंत्री का पद प्राप्त होगा।
- राजा गुरु: धर्म, ज्ञान, शिक्षा और आध्यात्मिकता में वृद्धि करेंगे। शासन व्यवस्था में न्यायप्रियता लाने का प्रयास होगा।
- मंत्री मंगल: साहस, ऊर्जा और त्वरित निर्णय का कारक बनेंगे।
गुरु और मंगल का यह संयोग जहां एक ओर विकास की गति को तेज करेगा, वहीं दूसरी ओर कूटनीतिक असंतुलन और सीमावर्ती तनाव जैसी स्थितियां भी उत्पन्न कर सकता है।
12 नहीं, इस बार होंगे 13 महीने
भक्तिमय होगा वातावरण
19 मार्च से ही चैत्र नवरात्र का भी आरंभ हो रहा है। इस दिन श्रद्धालु अपने घरों पर धर्म ध्वजा (भगवा झंडा) फहराएंगे और दीप प्रज्वलित कर नववर्ष का अभिनंदन करेंगे। मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना की तैयारियां अभी से शुरू हो गई हैं।