Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    सुख-समृद्धि के लिए घर में कितने रखने चाहिए श्री यंत्र? यहां पढ़ें रखने का सही तरीका

    Updated: Wed, 08 Jul 2026 09:59 AM (IST)

    घर में श्री यंत्र लगाना सबसे ज्यादा शुभ माना जाता है। इसे लगाने से आपको पॉजिटिव एनर्जी मिलेगी। साथ ही आपके जीवन में नए बदलाव देखने को मिल जाएंगे। ...और पढ़ें

    घर में श्री यंत्र रखें (Picture Credit- AI)

    घर में श्री यंत्र रखें (Picture Credit- AI)

    timer icon

    समय कम है?

    जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

    संक्षेप में पढ़ें

    धर्म डेस्क, नई दिल्ली। श्री यंत्र को यंत्रराज कहा जाता है। यह माता लक्ष्मी और भगवान विष्णु की शक्ति का प्रतीक माना जाता है। हिंदू धर्म में सुख-शांति, धन और वैभव प्राप्त करने के लिए इसे लगाया जाता है। इसे अत्यंत प्रभावशाली माना जाता है, लेकिन अक्सर हमारे मन में यह सवाल उठता है कि क्या एक से अधिक श्री यंत्र को घर में लगाया जा सकता है? आइए आपको इसके बारे में विस्तार से बताते हैं, ताकि आप जब इसे घर में लगाएं, तो इन बातों को जान सकें।

    श्री यंत्र क्या होता है?

    श्री यंत्र सिर्फ एक चित्र या धातु नहीं है। यह बहुत शक्तिशाली यंत्र माना गया है। हिंदू तंत्र और वेदों के अनुसार, इसमें देवी लक्ष्मी की अष्ट सिद्धियों और नौ निधियों का वास माना गया है। इसलिए इसे स्थापित करना जीवन में पॉजिटिव एनर्जी को प्रभावित करना होता है। इसे लगाते समय आपको इसे सही दिशा में लगाना जरूरी होता है।

    कितने श्री यंत्र घर में रखने चाहिए?

    • अगर आप घर में श्री यंत्र लगाने के बारे में सोच रहे हैं, तो आप सिर्फ 2 श्री यंत्र को लगाएं। श्री यंत्र की स्थापना अधिक शुभ और फलदायी मानी जाती है।
    • इसे आपको पूजा घर और तिजोरी में रखना चाहिए। इससे इसकी ऊर्जा और ज्यादा बढ़ती है।
    • तिजोरी में रखने से आपके पास कभी भी धन की कमी नहीं होती है।
    • श्री यंत्र को हमेशा सिद्ध करके ही रखना चाहिए, ताकि इसका प्रभाव अच्छा पड़े।
    6a516eafbff8ec90addb625c09e6f1ad

    कैसे स्थापित करें श्री यंत्र?

    • श्री यंत्र को हमेशा घर की उत्तर दिशा में स्थापित करना शुभ माना जाता है।
    • इसे आप लकड़ी की चौकी और लाल कपड़ा बिछाकर स्थापित करें।
    • इसे स्थापित करने के लिए शुक्रवार का दिन सबसे बेहतर साबित होता है।
    • इसे स्थापित करने के बाद आप इसे गंगाजल और कच्चे दूध से अभिषेक कराएं।
    • इसकी स्थापना करने के बाद ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं कमले कमलालये प्रसीद प्रसीद श्रीं ह्रीं श्रीं ॐ महालक्ष्म्यै नमः मंत्र का जाप जरूर करें।
    • बाजार में मिलने वाले श्री यंत्र को स्थापित करने की बजाए आप इसे किसी सिद्ध पुरोहित से तैयार कराएं।

    श्री यंत्र अपने आप में पूर्ण होता है। घर की प्राण-प्रतिष्ठित और शुद्धता के लिए ये काफी है। इसकी संख्या बढ़ाने से अधिक महत्वपूर्ण है कि आप इसका पूजन अच्छे से करें, ताकि मां लक्ष्मी का आशीर्वाद आपके ऊपर हमेशा बना रहे।

    यह भी पढ़ें- चांदी का छत्र और माता की कृपा: क्या है इसे अर्पित करने का असली महत्व? पढ़ें यहां

    यह भी पढ़ें- जल की बर्बादी से नाराज हो जाते हैं ये 2 ग्रह, कुंडली में लग सकता है दोष; जीवन में बढ़ने लगती हैं परेशानियां

    खबरें और भी

    अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया अंधविश्वास के खिलाफ है।

    Image credit- AI