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    मोबाइल पर पढ़ते हैं हनुमान चालीसा? तो पवित्रता और नियमों से जुड़ी ये बातें जरूर जान लें

    Updated: Sat, 20 Jun 2026 06:00 PM (IST)

    स्मार्टफोन पर हनुमान चालीसा या अन्य धार्मिक ग्रंथ पढ़ना सही है या गलत, इस पर धर्म के जानकार बताते हैं कि सच्ची आस्था और एकाग्रता महत्वपूर्ण है, माध्यम ...और पढ़ें

    क्या फोन पर हनुमान चालीसा का पाठ करना सही है? (Picture Credit- AI Generated)

    क्या फोन पर हनुमान चालीसा का पाठ करना सही है? (Picture Credit- AI Generated)

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    जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

    संक्षेप में पढ़ें

    धर्म डेस्क, नई दिल्ली। स्मार्टफोन के जरिए इंसान का हर काम आसान हो गया है। खाना खाने से लेकर नए कपड़े खरीदने तक या फिर कहीं जाने के लिए राइड बुक करना भी बस चुटकियों का काम है। स्मार्टफोन हमारी डे टू डे लाइफ का हिस्सा बन चुका है। अब तो इसका इस्तेमाल पूजा-पाठ कराने के लिए भी किया जा रहा है। इंटरनेट पर हजारों धार्मिक कथा और ग्रंथ उपलब्ध है, इस वजह से कई श्रद्धालु फोन पर ही डिजिटल रूप में हनुमान चालीसा, स्तोत्र या अन्य शास्त्रों को पढ़ना पसंद करते हैं।

    इस विषय पर शास्त्र और धर्म के जानकार बताते हैं कि, ईश्वर की उपासना के लिए सच्ची आस्था, भक्ति और एकाग्रता जरूरी है। अगर कोई व्यक्ति साफ दिल और एकाग्रता के साथ पाठ करता है, तो पढ़ने का माध्यम चाहे कुछ भी क्यों न हो (किताब या मोबाइल) पाठ के महत्व को कम नहीं करता है।

    किताब से ज्यादा मोबाइल से पढ़ने क्यों पसंद?

    आजकल की भागती-दौड़ती दुनिया में लगातार यात्रा करने की वजह से अधिकतर लोग धार्मिक किताबों को हर जगह ले जाना सही नहीं समझते हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि धार्मिक किताबों को पूर्ण सम्मान और पवित्रता के साथ रखना चाहिए।

    स्मार्टफोन लोगों को बड़ी आसानी से चालीसा या किसी भी प्रमुख देवता से जुड़ा ग्रंथ उपलब्ध कराने में मदद करता है। इसके अलावा आप इसे कभी भी और कैसी भी स्थिति में पढ़ सकते हैं। किताबों की जगह स्मार्टफोन में पाठ करना अधिक सुविधाजनक है।

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    मोबाइल पर ग्रंथ पढ़ते समय क्या दिक्कतें आती है?

    मोबाइल फोन पर धार्मिक किताबों को पढ़ते समय सबसे बड़ी दिक्कत कोई आती है, तो वो है नोटिफिकेशन, जिससे कई बार ध्यान भटक जाता है। ऐसे में कॉल, मैसेज या किसी भी ऐप का नॉटिफिकेशन पाठ करने के दौरान एकाग्रता को भंग कर सकता है, जिससे पूजा या पाठ अनुसरण के दौरान समस्या पैदा हो सकती है।

    सफाई को लेकर धार्मिक राय

    सनातन धर्म में पूजा-पाठ से जुड़े कार्यों में साफ-सफाई और पवित्रता का खास ख्याल रखा जाता है। चूंकि मोबाइल फोन का इस्तेमाल दिन भर होता है और इन्हें अक्सर स्नानघरों जैसी जगहों पर भी ले जाया जाता है, इसलिए कुछ धार्मिक विशेषज्ञों का मानना है कि, इसी उपकरण से भगवान का पाठ करना उचित नहीं है। हालांकि कई लोग इस बात पर जोर देते हैं कि, मन की पवित्रता और भक्ति इस्तेमाल की जाने वाली वस्तु से काफी जरूरी है।

    क्या फोन पर हनुमान चालीसा का पाठ करना सही है (Picture Credit- AI Generated)

    मोबाइल पर हनुमान चालीसा पढ़ते समय कुछ खास बातों का ध्यान रखें

    • फोन पर पाठ शुरू करने से पहले नॉटिफिकेशन को ऑफ कर देना चाहिए।
    • कॉल और बेवजह के disruptions से बचने के लिए एयरप्लेन मोड का भी इस्तेमाल कर सकते हैं।
    • बेहतर पाठ का अनुभव लेने के लिए पाठ को पहले से ही डाउनलोड करना उचित विकल्प होगा।
    • ध्यान भंग न हो इसलिए बाहरी शांति बनाए रखें।

    कुल मिलाकर मोबाइल फोन पर चालीसा पढ़ सकते हैं, लेकिन कोशिश करनी चाहिए कि, प्रिंट धार्मिक पुस्तक से पढ़ें, क्योंकि इससे एकाग्रता बनी रहती। बार-बार ध्यान नहीं भटकता और आध्यात्मिक वातावरण बनाने में भी मदद करता है।

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    अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें।