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क्या करीब है कलियुग का भयानक अंत? ज्योतिषी ने बताई भविष्य पुराण की ये डरावनी भविष्यवाणियां

Updated: Tue, 21 Jul 2026 04:15 PM (IST)

भविष्य पुराण में कलियुग के अंत की भविष्यवाणियां वर्णित हैं, जिसमें घटती आयु, नदियों का सूखना और स्वार्थपूर्ण रिश्तों का जिक्र है। ज्योतिषी चंद्रेश शर्मा के अनुसार, ये संकेत कलयुग के अंत की ओर इशारा करते हैं, जिसके बाद भगवान कल्कि अवतार लेंगे।

कलियुग के अंत के संकेत (Picture Credit: AI Generated)

कलियुग के अंत के संकेत (Picture Credit: AI Generated)

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समय कम है?

जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

संक्षेप में पढ़ें

धर्म डेस्क, नई दिल्ली। हिंदू धर्म में समय के चक्र को सतयुग, त्रेतायुग, द्वापरयुग और कलियुग में बांटा गया है। इस समय कलियुग चल रहा है। धार्मिक ग्रंथों में कलियुग को पाप और बुराई का युग माना जाता है। महर्षि वेदव्यास द्वारा रचित भविष्य पुराण में भविष्य में होने वाली घटनाओं, युग परिवर्तन के बारे में वर्णन किया गया है। इसमें बताया गया है कि कलियुग का अंत किस तरह होगा।

अब आपके मन से सवाल आ रहा होगा कि भविष्य पुराण की कौन सी भविष्यवाणियां सच हो रही हैं और कैसे होगा कलियुग का अंत। तो आइए इस आर्टिकल में आपको एस्ट्रोपत्री के ज्योतिषी चंद्रेश शर्मा के अनुसार बताते हैं कि किस तरह होगा कलियुग का अंत।

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 (Picture Credit: AI Generated)

कैसे होगा कलियुग का अंत?

एस्ट्रोपत्री के ज्योतिषी चंद्रेश शर्मा के अनुसार, पवित्र नदियां सूखेंगी, रिश्ते केवल स्वार्थ के होंगे और अधर्म ही धर्म कहलाएगा। भविष्य पुराण की ये चेतावनियां आज का कड़वा सच हैं, जो इशारा करती हैं कि कलयुग अपने अंत की ओर बढ़ रहा है।

भवष्य पुराण की भविष्यवाणियां और आज का सच

इस पुराण में कलियुग के अंतिम समय को लेकर कुछ बहुत ही स्पष्ट बातें कही गई हैं, जो वर्तमान समय में सच होती दिखाई दे रही हैं:
आयु का घटना: भविष्य पुराण में लिखा है कि कलयुग के अंत में मनुष्य की औसत आयु बहुत कम हो जाएगी।
पवित्र नदियों का लुप्त होना: इस काल में गंगा नदी पृथ्वी को छोड़कर पुनः बैकुंठ लौट जाएगी।
धन की प्रधानता: समाज में रिश्तों और भावनाओं का स्थान खत्म हो जाएगा और केवल धन का ही सबसे बड़ा महत्व रह जाएगा।

रिश्तों में स्वार्थ और नैतिक मूल्यों का ह्रास

जैसे-जैसे समय आगे बढ़ेगा, इंसानी समाज के भीतर नैतिक और आत्मिक मूल्यों में भारी गिरावट देखने को मिलेगी:
स्वार्थी रिश्ते: लोग केवल अपने व्यक्तिगत लाभ के लिए ही एक-दूसरे से संबंध रखेंगे।
अधर्म का बोलबाला: समाज में सही और गलत की परिभाषा बदल जाएगी, जहां अधर्म को ही धर्म मानकर लोग उसका आचरण करने लगेंगे।

पाप बढ़ने पर भगवान कल्कि लेंगे अवतार

कल्कि पुराण में बताया गया है कि जब धरती पर पाप अधिक बढ़ जाएगा, तो ऐसी स्थिति में धरती पर भगवान कल्कि अवतार लेंगे। भगवान कल्कि भगवान विष्णु जी का आखिरी रूप हैं। पुराणों में बताया गया है कि भगवान कल्कि का स्वरूप अधिक तेजस्वी और दिव्य होगा।

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अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण अंधविश्वास के खिलाफ है।