यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 09, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Jyeshtha Purnima 2024: 21 या 22 जून, कब है ज्येष्ठ पूर्णिमा? नोट करें स्नान-दान का समय
ज्येष्ठ पूर्णिमा का दिन बेहद पुण्यदायी माना जाता है। यह दिन भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की पूजा के लिए समर्पित है। ऐसी मान्यता है कि इस दिन का व्रत रख ...और पढ़ें

HighLights
- ज्येष्ठ पूर्णिमा का दिन बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है।
- यह दिन भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की पूजा के लिए समर्पित है।
- इस बार ज्येष्ठ पूर्णिमा 22 जून को मनाई जाएगी।
धर्म डेस्क, नई दिल्ली। ज्येष्ठ पूर्णिमा का दिन बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। यह तिथि बेहद फलदायी मानी गई है। ऐसा कहा जाता है कि इस दिन चंद्रमा अपनी 16 कलाओं से परिपूर्ण होता है। इसके अलावा इस दिन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा होती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस पर्व पर पूजा-पाठ करने से सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।
साथ ही परिवार में खुशहाली आती है। इस बार ज्येष्ठ मास की पूर्णिमा (Jyeshtha Purnima 2024) 22 जून, 2024 को मनाई जाएगी, तो चलिए स्नान और दान का समय जानते हैं।
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ज्येष्ठ पूर्णिमा 21 या फिर 22 जून, कब मनाई जाएगी?
हिंदू पंचांग के अनुसार, ज्येष्ठ माह की पूर्णिमा तिथि 21 जून, 2024 को सुबह 06 बजकर 01 मिनट पर शुरू होगी। वहीं, इस तिथि का समापन अगले दिन 22 जून, 2024 को सुबह 05 बजकर 07 मिनट पर होगा। पंचांग को देखते हुए, इस साल ज्येष्ठ पूर्णिमा 22 जून, शनिवार के दिन मनाई जाएगी और इसी दिन स्नान-दान किया जाएगा। हालांकि इसका व्रत 21 जून को किया जाएगा।
ज्येष्ठ पूर्णिमा स्नान-दान का समय
ब्रह्म मुहूर्त - 04 बजकर 04 मिनट से 04 बजकर 44 मिनट तक
विजय मुहूर्त - दोपहर 02 बजकर 43 मिनट से 03 बजकर 39 मिनट तक
अमृत काल - सुबह 11 बजकर 37 मिनट से दोपहर 01 बजकर 11 मिनट तक।
गंगा स्नान व पूजन मंत्र
- गंगा गंगेति यो ब्रूयात, योजनानाम् शतैरपि। मुच्यते सर्वपापेभ्यो, विष्णुलोके स गच्छति।।
- गंगे च यमुने चैव गोदावरी सरस्वती। नर्मदे सिन्धु कावेरी जले अस्मिन् सन्निधिम् कुरु।।
- गंगां वारि मनोहारि मुरारिचरणच्युतं । त्रिपुरारिशिरश्चारि पापहारि पुनातु मां ।।
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