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किन लोगों को नहीं रखना चाहिए श्रीकृष्ण जन्माष्टमी व्रत? उपवास रखने से पहले पढ़ें ये जरूरी बातें

Updated: Tue, 01 Sep 2026 11:26 AM (IST)

जन्माष्टमी का पर्व 4 सितंबर को मनाया जाएगा, लेकिन कुछ लोगों को स्वास्थ्य कारणों से यह व्रत नहीं रखना चाहिए। ...और पढ़ें

जन्माष्टमी व्रत में इन बातों का रखें ध्यान (Picture Credits- AI Image)

जन्माष्टमी व्रत में इन बातों का रखें ध्यान (Picture Credits- AI Image)

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धर्म डेस्क, नई दिल्ली। वैदिक पंचांग के अनुसार, 4 सितंबर को जन्माष्टमी (Janmashtami 2026) का पर्व देशभर में उत्साह के साथ मनाया जाएगा। यह दिन भगवान श्रीकृष्ण की पूजा-अर्चना करने के लिए शुभ माना जाता है। इस अवसर पर देशभर के मंदिरों में खास रौनक देखने को मिलती है।

धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस व्रत को विधिपूर्वक करने से भगवान श्रीकृष्ण की कृपा से जीवन में सुख-शांति बनी रहती है और शुभ परिणाम प्राप्त होते हैं। इस व्रत का पूर्ण फल तभी प्राप्त होता है जब इस व्रत को विधिपूर्वक किया जाए। शास्त्रों में इस व्रत को करने के नियमों के बारे में बताया गया है। ऐसा माना जाता है कि कुछ लोगों को जन्माष्टमी का व्रत करने से बचना चाहिए। ऐसे में आइए इस आर्टिकल में आपको बताते हैं कि किन लोगों को भूलकर भी जन्माष्टमी व्रत नहीं करना चाहिए।

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(Picture Credits- AI Image)

किन लोगों को नहीं करना चाहिए जन्माष्टमी व्रत?

बुजुर्ग लोग- जन्माष्टमी का व्रत बड़े-बुजुर्गों को नहीं करना चाहिए, क्योंकि उनकी शारीरिक स्थिति कमजोर हो सकती है। ऐसी स्थिति में व्रत करने से सेहत पर बुरा प्रभाव पड़ सकता है।

गर्भवती महिलाएं- इसके अलावा गर्भवती महिलाओं को भी जन्माष्टमी का व्रत न करने की सलाह दी जाती है। अगर कोई गर्भवती महिला इस व्रत को करती है, तो यह उसकी सेहत और शिशु के लिए हानिकारक हो सकता है। ऐसी स्थिति में आप केवल भगवान श्रीकृष्ण की पूजा-अर्चना कर सकती हैं।

गंभीर बीमारियों से पीड़ित व्यक्ति- जो लोग किसी गंभीर बीमारी का सामना कर रहे हैं, तो उन लोगों को भी जन्माष्टमी का व्रत नहीं करना चाहिए। ऐसी स्थिति में अगर आप जन्माष्टमी का व्रत करते हैं, तो इससे आपकी सेहत पर बुरा प्रभाव पड़ सकता है, जिसकी वजह से आपको भारी समस्या का सामना करना पड़ सकता है।

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जन्माष्टमी व्रत के नियम (Janmashtami Vrat Ke Niyam)

  • जन्माष्टमी व्रत के दौरान गेहूं, चावल और दाल का सेवन भूलकर भी नहीं करना चाहिए। साथ ही तामसिक चीजों को भी नहीं खाना चाहिए।
  • इस व्रत के दिन काले रंग के कपड़े न पहनें। ऐसा माना जाता है कि काले रंग के कपड़े धारण करने से नकारात्मक ऊर्जा आकर्षित होती है, जिसका बुरा प्रभाव पड़ता है।
  • इसके अलावा व्रत के दौरान ब्रह्मचर्य से जुड़े नियमों का पालन जरूर करना चाहिए। साथ ही क्रोध, झूठ और विवाद से दूरी बनाकर रखें।
  • पूजा के समय लड्डू गोपाल का अभिषेक करने के बाद देसी घी का दीपक जलाकर आरती करें और माखन-मिश्री, धनिए की पंजीरी आदि चीजों का भोग लगाएं। साथ ही भोग में तुलसी के पत्ते जरूर शामिल करें। ऐसा माना जाता है कि लड्डू गोपाल के भोग में तुलसी के पत्ते शामिल करने से प्रभु प्रसन्न होकर भोग को स्वीकार करते हैं।

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अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया अंधविश्वास के खिलाफ है।