यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 29, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Kajari Teej 2024: कजरी तीज व्रत से मिलेगा मनचाहा वर, नोट करें डेट, शुभ मुहूर्त और पूजा विधि
भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की तृतीया को कजरी तीज व्रत किया जाता है। कजरी तीज के दिन महिलाएं निर्जला व्रत रखती हैं। इसलिए व्रत के दौरान अन्न और जल ग्रहण ...और पढ़ें

HighLights
- सावन के बाद भाद्रपद का महीना आता है।
- इस माह में कजरी तीज का पर्व मनाया जाता है।
- यह त्योहार भगवान शिव और माता पार्वती को समर्पित है।
धर्म डेस्क, नई दिल्ली। Kab Hai Kajari Teej 2024: हर साल भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की तृतीया तिथि को कजरी तीज का पर्व मनाया जाता है। इस खास तिथि पर महिलाएं अपनी संतान के उज्जवल भविष्य और घर-परिवार में सुख-शांति के लिए व्रत करती हैं। साल 2024 में कजरी तीज व्रत 22 अगस्त (Kajari Teej 2024 Date) को है।
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कजरी तीज 2024 डेट और शुभ मुहूर्त (Kajari Teej 2024 Date and Shubh Muhurat)
पंचांग के अनुसार, भाद्रपद माह के कृष्ण की तृतीया तिथि की शुरुआत 21 अगस्त को शाम 05 बजकर 06 मिनट पर होगी। वहीं, इस तिथि का समापन अगले दिन यानी 22 अगस्त को दोपहर 01 बजकर 46 मिनट पर होगा। ऐसे में कजरी तीज का व्रत 22 अगस्त को किया जाएगा।
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कजरी तीज पूजा विधि (Kajari Teej Puja Vidhi)
कजरी तीज के दिन सुबह जल्दी उठें और दिन की शुरुआत देवी-देवता के ध्यान से करें। अब स्नान कर साफ वस्त्र धारण करें। सूर्य देव को जल अर्पित करें। इस दौरान सूर्य देव के मंत्रों का जप करें। मंदिर की सफाई कर चौकी पर लाल रंग या पीले रंग का वस्त्र बिछाकर शिव जी और माता पार्वती की मूर्ति स्थापित करें। इसके पश्चात महादेव का अभिषेक का करें। साथ ही बेलपत्र और धतूरा अर्पित करें। माता पार्वती को सोलह श्रृंगार की चीजें चढ़ाएं। दीपक जलाकर आरती करें और कजरी तीज की कथा का पाठ करें। रात्रि में चंद्र देव की पूजा करें और उन्हें जल का अर्घ्य दें।
कजरी तीज का महत्व (Kajari Teej Importance)
सनातन शास्त्रों में कजरी तीज व्रत का अधिक महत्व बताया गया है। इसे बड़ा तीज के नाम से भी जाना है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस व्रत को सर्वप्रथम माता पार्वती ने रखा था। व्रत को करने से जातक के जीवन में आ रही सभी प्रकार की समस्या खत्म होती हैं और पति को लंबी उम्र का आशीर्वाद प्राप्त होता है। साथ ही वैवाहिक जीवन सदैव खुशियों से भरा रहता है। इस दिन चंद्रमा को अर्घ्य देने से शुभ लाभ प्राप्त होता है।
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