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    Kamada Ekadashi 2026: 29 या 30 मार्च कब है कामदा एकादशी? इस विधि से करें भगवान विष्णु की पूजा, जानें तिथि और समय

    Updated: Sat, 14 Mar 2026 04:30 PM (IST)

    कामदा एकादशी (Kamada Ekadashi 2026) का व्रत भगवान विष्णु को समर्पित है। ...और पढ़ें

    Kamada Ekadashi 2026: कामदा एकादशी पूजा विधि। (Ai Generated Image)

    Kamada Ekadashi 2026: कामदा एकादशी पूजा विधि। (Ai Generated Image)

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    धर्म डेस्क, नई दिल्ली। कामदा एकादशी का हिंदू धर्म में बहुत महत्व है। कामदा एकादशी (Kamada Ekadashi 2026) का व्रत रखने और पूजा-पाठ करने से जीवन में शुभता का आगमन होता है। साथ ही श्री हरि की कृपा मिलती है, तो आइए यहां इस आर्टिकल में इससे जुड़ी प्रमुख बातों को जानते हैं, जो इस प्रकार हैं -

    Papmochani Ekadashi 2026 puja rituals 1

    Ai Generated Image

    कब है कामदा एकादशी? (Kamada Ekadashi 2026 Shubh Muhurat)

    हिंदू पंचांग की गणना अनुसार, चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि की शुरुआत 28 मार्च को सुबह 08 बजकर 45 मिनट पर होगी। वहीं, इसका समापन 29 मार्च को सुबह 07 बजकर 46 मिनट पर होगा। ऐसे में 29 मार्च को कामदा एकादशी मनाई जाएगी।

    पूजा विधि (Kamada Ekadashi 2026 Puja Rituals)

    • सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और पीले रंग के कपड़े पहनें।
    • इसके बाद हाथ में जल, फूल और अक्षत लेकर व्रत का संकल्प लें।
    • पूजा स्थल पर भगवान विष्णु की प्रतिमा स्थापित करें।
    • उन्हें पंचामृत से स्नान कराएं।
    • भगवान को पीले रंग के वस्त्र, पीले पुष्प और चंदन अर्पित करें।
    • भोग में तुलसी दल जरूर शामिल करें।
    • एकादशी व्रत की कथा पढ़ें या सुनें।
    • अंत में भगवान विष्णु और एकादशी माता की आरती करें।
    • गरीबों और ब्राह्मणों को अन्न, वस्त्र या धन का दान करें।
    • द्वादशी तिथि के दिन सुबह स्नान के बाद ब्राह्मणों को भोजन कराकर या उन्हें दान देकर शुभ मुहूर्त में व्रत खोलें।

    पूजन मंत्र (Kamada Ekadashi 2026 Puja Mantra)

    1. ॐ नमो भगवते वासुदेवाय।।
    2. शान्ताकारम् भुजगशयनम् पद्मनाभम् सुरेशम्
    विश्वाधारम् गगनसदृशम् मेघवर्णम् शुभाङ्गम्।
    लक्ष्मीकान्तम् कमलनयनम् योगिभिर्ध्यानगम्यम्
    वन्दे विष्णुम् भवभयहरम् सर्वलोकैकनाथम्॥
    3. ॐ वासुदेवाय विघ्माहे वैधयाराजाया धीमहि तन्नो धन्वन्तरी प्रचोदयात् ||
    ॐ तत्पुरुषाय विद्‍महे अमृता कलसा हस्थाया धीमहि तन्नो धन्वन्तरी प्रचोदयात् ||

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    अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया अंधविश्वास के खिलाफ है।

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