Kark Sankranti 2026: कब मनाई जाएगी कर्क संक्रांति? यहां नोट करें सही तिथि और शुभ मुहूर्त
ज्योतिषियों की मानें तो मेष राशि (Kark Sankranti 2026 Date) के जातकों पर सूर्य देव की विशेष कृपा बरसती है। इस राशि के जातक कारोबार में उत्तम करते हैं। ...और पढ़ें

Kark Sankranti 2026: कर्क संक्रांति का धार्मिक महत्व

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
धर्म डेस्क, नई दिल्ली। सूर्य देव के राशि परिवर्तन करने की तिथि पर संक्रांति मनाई जाती है। यह दिन आत्मा के कारक सूर्य देव को समर्पित होता है। इस शुभ अवसर पर बड़ी सख्या में साधक गंगा समेत पवित्र नदियों में आस्था की डुबकी लगाते हैं। इसके साथ ही पूजा, जप-तप और दान-पुण्य करते हैं।

धार्मिक मत है कि संक्रांति तिथि पर सूर्य देव की पूजा करने से साधक पर भगवान भास्कर की कृपा बरसती है। उनकी कृपा से करियर और कारोबार में विशेष लाभ मिलता है। इसके साथ ही सभी प्रकार के कष्टों से मुक्ति मिलती है। आइए, कर्क संक्रांति की सही तिथि एवं शुभ मुहूर्त जानते हैं-
सूर्य राशि परिवर्तन (Surya Gochar 2026)
सूर्य देव 15 जुलाई तक मिथुन राशि में विराजमान रहेंगे। इसके अगले दिन सूर्य देव मिथुन राशि से निकलकर कर्क राशि में गोचर करेंगे। सूर्य देव 16 जुलाई को रात 11 बजकर 44 मिनट पर कर्क राशि में गोचर करेंगे। इस राशि में सूर्य देव एक महीने तक रहेंगे। इसके बाद सूर्य देव कर्क राशि से निकलकर सिंह राशि में गोचर करेंगे।
कर्क संक्रांति शुभ मुहूर्त (Kark Sankranti Shubh Muhurat)
सूर्य देव के कर्क राशि में गोचर करने की तिथि पर कर्क संक्रांति मनाई जाती है। इस प्रकार 16 जुलाई को कर्क संक्रांति मनाई जाएगी। इस दिन पुण्य काल दोपहर 12 बजकर 27 मिनट से लेकर शाम 07 बजकर 21 मिनट तक है। वहीं, महा पुण्य काल शाम 05 बजकर 03 मिनट से लेकर शाम 07 बजकर 21 मिनट तक है।
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कर्क संक्रांति शुभ योग (Kark Sankranti Shubh Yog)
ज्योतिषियों की मानें तो कर्क संक्रांति पर कई मंगलकारी योग बन रहे हैं। कर्क संक्रांति पर सिद्धि योग का संयोग 17 जुलाई को देर रात 01 बजकर 17 मिनट तक है। इसके साथ ही पूर्व अश्लेषा और मघा नक्षत्र का संयोग बन रहा है। इन योग में सूर्य देव की पूजा करने से आरोग्यता का वरदान प्राप्त होगा।
पंचांग
- सूर्योदय - सुबह 05 बजकर 34 मिनट पर
- सूर्यास्त - शाम 07 बजकर 21 मिनट पर
- चंद्रोदय- सुबह 07 बजकर 25 मिनट पर
- चंद्रास्त- रात 09 बजकर 03 मिनट पर
- ब्रह्म मुहूर्त - सुबह 04 बजकर 12 मिनट से 04 बजकर 53 मिनट तक
- विजय मुहूर्त - दोपहर 02 बजकर 45 मिनट से 03 बजकर 40 मिनट तक
- गोधूलि मुहूर्त - शाम 07 बजकर 19 मिनट से 07 बजकर 40 मिनट तक
- निशिता मुहूर्त - रात 12 बजकर 07 मिनट से 12 बजकर 48 मिनट तक
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