सरगी से लेकर चांद के दीदार तक की पूरी टाइमिंग! नोट करें 2026 में कब है सुहागिनों का 'सुपर-फास्ट' करवा चौथ
करवा चौथ 2026 में 29 अक्टूबर को मनाया जाएगा, जब विवाहित महिलाएं पति की लंबी आयु के लिए निर्जला व्रत रखेंगी। ॉ

सुहागिन महिलाओं का खास पर्व करवा चौथ 2026 में कब रखा जाएगा?

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
धर्म डेस्क, नई दिल्ली। हिंदू धर्म में करवा चौथ का भारतीय शादीशुदा महिलाओं के बीच काफी प्रमुख व्रतों में गिना जाता है। इस खास मौके पर महिलाएं अपने पति की लंबी आयु के लिए निर्जला उपवास रखती है, और रात को चंद्रमा देखने के बाद पति के द्वारा पानी पीकर इस व्रत को खोलती हैं। कई महिलाएं करवा चौथ व्रत का इंतजार साल भर पहले से ही करती हैं।
इस खास मौके पर विवाहित महिलाएं नए कपड़े, सोलह श्रृंगार, हाथों में मेहंदी और पूजा की तैयारियां करती हैं। भारतीय महिलाओं के बीच इस व्रत को बड़े ही हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है। आइए जानते हैं इस साल करवा चौथ 2026 कब है?
करवा चौथ 2026 कब है?
साल 2026 में विवाहित महिलाओं का खास पर्व करवा चौथ 29 अक्तूबर 2026 को मनाया जाएगा। इस व्रत को उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान, उत्तराखंड समेत पूरे उत्तर भारत की विवाहित महिलाओं द्वारा मनाया जाता है। करवा चौथ आने से पहले ही बाजारों में खरीदारी शुरू हो जाती है और महिलाएं पूजा की तैयारी में लग जाती हैं।
करवा चौथ 2026 व्रत शुभ मुहूर्त एवं समय
इस साल करवा चौथ 29 अक्तूबर 2026, गुरुवार के दिन मनाया जाएगा। यह दिन विवाहित महिलाओं के लिए और भी खास इसलिए हो जाता है, क्योंकि बृहस्पति ग्रह वैवाहिक जीवन में सुख और सौभाग्य का कारक माना जाता है।
करवा चौथ पूजा के लिए शुभ मुहूर्त- शाम 5 बजकर 38 मिनट से लेकर 6 बजकर 56 मिनट तक
व्रत का समय- सुबह 6 बजकर 31 मिनट से लेकर रात 8 बजकर 17 मिनट तक
चंद्रोदय का समय - रात 8 बजकर 17 मिनट पर
करवा चौथ 2026 पूजा विधि
करवा चौथ का दिन सुहागिन महिलाओं के लिए बेहद खास माना जाता है। इस दिन महिलाएं जल्दी उठकर सरगी खाती हैं। इसके बाद सुबह स्नान करने के बाद पूरे दिन निर्जला उपवास रहकर शाम को भगवान शिव, मात पार्वती और गणेश जी की पूजा करती हैं। चंद्र दर्शन होने पर पति की आरती उतारने के बाद व्रत का पारण करती है।
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